: हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू होंगे जबकि डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री
Sat, Dec 10, 2022
हिमाचल प्रदेश हिमाचल विधानसभा चुनाव 2022 में 40 सीट जीतकर कांग्रेस ने बीजेपी से सत्ता तो छीन ली है लेकिन सीएम पद का चेहरा साफ ना होने की वजह से विधायक दलों की अनेकों बैठक और एक लंब धींगा मुफ्ती के बाद आखिरकार कांग्रेस की तरफ से हिमाचल के मुख्यमंत्री पद के लिए सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर मोहर लगी है तू अब सुखविंदर सिंह सुक्खू होंगे हिमाचल प्रदेश के नए मुख्यमंत्री जबकि मुकेश अग्निहोत्री लेंगे डिप्टी सीएम पद की शपथ
कांग्रेस हाईकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया है इसके साथ ही विधायक मुकेश अग्निहोत्री को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा कांग्रेस विधायक दल की बैठक में इस संबंध में मोहर लग गई है 11 दिसंबर दोपहर 1:30 बजे रिज मैदान में शपथ ग्रहण समारोह होगा विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस नेता शाम 7:00 बजे राज्यपाल से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे वही प्रतिभा सिंह ने कहा है कि हमें आलाकमान का फैसला मंजूर है मुख्यमंत्री पद का चेहरा साफ होते ही सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है सत्ता में व्यवस्था परिवर्तन के लिए आए हैं हिमाचल को सुंदर स्वच्छ और इमानदार प्रदेश बनाएंगेआपको बताते चलें इससे पूर्व कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सीएम पद की रेस में शामिल नही प्रतिभा सिंह के समर्थक सड़कों पर उतर आए उन्होंने विधायक दल की बैठक के बीच विधानसभा के बाहर नारेबाजी की तथा उससे पहले यह लोग एक होटल के बाहर भी पहुंचे जहां केंद्रीय पर्यवेक्षक दावेदारों के साथ मीटिंग कर रहे थे लेकिन इन सबके बावजूद हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद कांग्रेस विधायक दल के द्वारा तथा उनके समर्थकों के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद आखिरकार हिमाचल प्रदेश को नए मुख्यमंत्री के रूप में सुखविंदर सिंह सुक्खू जैसे अनुभवी राजनेता प्राप्त हुआ जिस पर हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने मोहर लगा दी इससे पूर्व शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पास हुआ था जिसमें विधायकों ने कहा था कि कांग्रेस हाईकमान जो भी फैसला लेगा वह मंजूर होगा अन्य राज्यों के पुराने कटु अनुभव से प्रेरणा लेते हुए कांग्रेस हाईकमान ने अपने विधायकों की रायशुमारी का विशेष ख्याल रखा इसीलए शुक्रवार को शिमला में कांग्रेस पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा भूपेश बघेल और प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला ने पार्टी विधायकों के साथ मीटिंग की थी और अकेले-अकेले बात करके उनकी राय ली थी
: बहन बेटियों को छेड़ने वाले अगले चौराहे पर ढेर होंगे :- योगी आदित्यनाथ
Fri, Dec 9, 2022
अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है की यदि कोई अपराधी अथवा शरारती तत्व बहन बेटियों को छेढ़ेगा तो अगले चौराहे पर ही ढेर हो जाएगा आधुनिक तकनीक के तहत कानपुर सहित प्रदेश के 18 महानगरों को सुरक्षित सिटी बनाने पर जोर दिया जा रहा है अब कोई भी समाज विरोधी तत्व अपराध करने की हिम्मत नहीं करता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कानपुर पहुंचे जहां उन्होंने 387.59 करोड़ रुपए की विभिन्न 272 परियोजनाओं का शिलान्यास तथा लोकार्पण किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय एवं प्रौद्योगिकी संस्थान मैं हेलीकॉप्टर उतारा और बी एस एस डी कॉलेज ग्राउंड में प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहां कि अब कोई भी समाज विरोधी तत्व अपराध करने की हिम्मत नहीं कर रहा है अगर किसी ने किसी चौराहे पर शरारत या छेड़छाड़ छेड़खानी की तो सीसीटीवी एवं आधुनिक तकनीक के माध्यम से पुलिस उसको अगले चौराहे पर ढेर कर चुकी होगी प्रदेश को भयमुक्त वातावरण स्थापित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता रही है इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा उन्होंने प्रबुद्ध जन सम्मेलन को संबोधित करते हुए आगे कहा है कि कानपुर ने अपनी उद्योग में एक अलग पहचान बनाई है कुछ लोगों की नजरें कानपुर पर रही है और यह शहर दुर्व्यवस्थाओं का शिकार हो गया कानपुर की पहचान मोक्षदायिनी के रूप में बनी पीएम मोदी ने खुद कानपुर आकर मां गंगा में गिरने वाले शीशा मुनाले को बंद कराया अब नाले को सेल्फी पॉइंट में बदल दिया गया नमामि गंगे परियोजना का सबसे क्रिटिकल प्वाइंट कानपुर था आज कह सकता हूं कि कानपुर में किए गए प्रयोग के बाद प्रयागराज में भी दंगा आचमन करने लायक हो गई है कानपुर में मेट्रो की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की मेट्रो के सेकंड और थर्ड फेस का लोकार्पण करने के लिए जल्द पीएम मोदी आएंगे डिफेंस कॉरिडोर का मुख्य केंद्र बिंदु कानपुर हैमुख्यमंत्री योगी के द्वारा भय मुक्त समाज की स्थापना को अपनी प्राथमिकता अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने इससे पूर्व भी अपराध और अपराधियों को चेतावनी देते हुए कड़े शब्दों का प्रयोग किया था 26 मार्च 2017 प्रथम बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उनका ध्यान था गुंडे सुधर जाए या यूपी छोड़कर चले जाए यूपी में कानून का राज कायम होगा तथा 9 फरवरी 2018 को उन्होंने कहा जो बंदूक की भाषा समझते हैं उन्हें बंदूक से ही जवाब मिलेगा 13 अप्रैल 2022 को उन्होंने कहा सुबह में दंगा फसाद या गुंडागर्दी करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं 9 सितंबर 2022 को उन्होंने कहा भ्रष्टाचारी कोई भी हो उसके साथ पीढ़ियों की कमाई को जप्त किया जाएगा तथा 18 अक्टूबर 2022 को उन्होंने कहा जो बहन बेटियों के लिए खतरा बनेगा उसका जीना हराम कर देंगे आज 9 दिसंबर 2022 को कानपुर से उन्होंने अपराधियों को कड़ी चेतावनी देते हुए उक्त बयान दिया आपको बताते चलें योगीराज में 7500 एनकाउंटर तथा 168 अपराधियों की मौत हुई तथा 29 सौ से ज्यादा अपराधिक गंभीर रूप से जख्मी हुए इन 168 में 35 ऐसे लोग थे जिनके ऊपर पहले से कोई इनामी धनराशि घोषित नहीं थी जबकि 8 ऐसे थे जिनके ऊपर ₹200000 से अधिक की धनराशि घोषित थी इस दौरान मुठभेड़ मैं 14 पुलिसवाले शहीद हुई थी जिसमें एक सीओ रैंक के अधिकारी भी शामिल थे इसके अलावा 11 100 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं कुल मिलाकर यूपी में बदमाशों माफियाओं एवं जो आतंक का पर्याय बने हुए थे पिछले 5 सालों में योगी सरकार ने उनकी ना केवल आर्थिक कमर तोड़ दी है बल्कि सूबे में बोलती भी बंद कर दी आज अतीक अहमद मुख्तार अंसारी तथा अनेकों हिस्ट्रीशीटर उनसे जुड़े हुए व्यक्तियों की संपत्ति की कुर्की हो रही है एवं अन्य कानूनी कार्रवाई करके उनको सजा दिलाई जा रही है पिछले 5 सालों में बाहुबली नेताओं और गैंगस्टर से योगी सरकार ने 3954 करोड़ रुपए की संपत्ति जप्त की है
: उत्तर प्रदेश उपचुनाव में लोकतंत्र की सार्थकता
Fri, Dec 9, 2022
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर जिस प्रकार उत्तर प्रदेश उपचुनाव मैनपुरी खतौली रामपुर मैं जीते हुए प्रत्याशियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बधाई दी है वह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में डिंपल यादव ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की वही रामपुर विधानसभा मैं आकाश सक्सेना ने प्रथम बार केसरिया लहराया तथा खतौली की सीट आरएलडी प्रत्याशी मदन भैया के नाम हुई इन सभी को बहुत-बहुत बधाई
यदि हम इस उपचुनाव का विश्लेषण करें तुम मैनपुरी की जीत पर हमें यह याद रखना होगा कि मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र का मैनडेंट अपनी जनप्रिय लोकनायक राष्ट्रीय दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि स्वरुप गया मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के लोगों ने जाति धर्म भावना तथा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले राष्ट्रीय किंतु जमीनी राजनेता के प्रति भावनात्मक रूप से वोट किया यही कारण है कि आज सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की और सत्ताधारी दल के प्रत्याशी के लिए सरकार की सुशासन कानून व्यवस्था तथा जनहितकारी नीतियां भी काम में ना आ सकीl
वैसे इस उपचुनाव का हम विश्लेषण करें तो एक बात तो साफ नजर आती है कि चुनाव के बाद और परिणाम आने से पहले मैनपुरी खतौली एवं रामपुर सीट को लेकर प्रत्याशियों और उनके राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा शासन और सरकार पर बहुत टीका टिप्पणी हुई व्यवस्था को लेकर बहुत आरोप-प्रत्यारोप लगाई गई और तो और ईवीएम बदलने का भी सनसनीखेज ड्रामा फैलाया गया चुनाव आयोग तक शिकायत किए जाने की बात तमाम राजनीतिक दलों द्वारा प्रचारित की गई लेकिन अब जब परिणाम उनके पक्ष में आया तो चारों तरफ शांति कहीं कोई राजनीतिक नौटंकी या बयान बाजी नहीं आई शिवाय रामपुर विधानसभा सीट से हारे हुए सपा प्रत्याशी आसिफ रजा के अलावा!l उन्होंने रामपुर प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है तो क्या इन सब आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी के माध्यम से विपक्ष अपने लिए एक सुरक्षित पैसेज तैयार करता है की हारने के बाद हारने का ठीकरा स्थानीय प्रशासन और चुनाव आयोग के ऊपर फोड़ देंगे मुद्दे चाहे जो हो उनकी सफाई में दिए जाने वाले बयान भी आ सकते हैं लेकिन यह बात उठना तो लाजमी है कि जब जब जहां जहां भाजपा जीती है उस पर पक्षपातपूर्ण स्थानीय प्रशासन पर दोषपूर्ण करवाइए का चुनाव आयोग की खामियों के आरोप लगते आए हैं हमें याद रखना होगा कि चुनाव में हार जीत तो चलती रहती है लेकिन राजनीति में कोई ऐसी बयानबाजी नहीं होनी चाहिए जिसका असर हमारे व्यवस्था यह संवैधानिक संस्थाओं पर जाता हूं आज इन चुनाव के परिणाम के बाद यह बात और पुख्ता हो गई है कि इस लोकतंत्र की मर्यादा को कोई प्रभावित नहीं कर सकता चाहे विपक्ष हो या सत्ताधारी दल हो इतना खुला मैंडेट और स्पष्ट परिणाम उत्तर प्रदेश में यही कहानी बयां करते हैं राजनीतिक दलों को स्थानीय प्रशासन के ऊपर चुनाव आयोग पर उंगली उठाने से पहले अपने जीवन में झांक कर देखना होगा कि आखिर हम कहां पर खड़े हैं