: पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर सरकार का रुख राज्य और केंद्र के मतभेदों को दर्शाता है
Tue, Dec 13, 2022
कांग्रेस शासित प्रदेशों में पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करना सरकार के लिए आत्मघाती सिद्ध हो सकता है पेंशन के विषय में जो नई व्यवस्था लागू की गई थी वह काफी विचार-विमर्श और निर्धारित प्रक्रिया से काफी सोच समझ कर बनाई गई थी जिस पर तत समय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी सहमत है और इस व्यवस्था को छोड़ पुरानी व्यवस्था में लौटने की बात करना राज्य सरकार के ऊपर आर्थिक बोझ स्वरूप होगा उक्त बयान 15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एन के सिंह ने दियाआईसीसी के कार्यक्रम में सम्मिलित होते हुए श्री सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना को व्यापक विचार-विमर्श के बाद अपनाया गया था कांग्रेस और आप जैसे राजनीतिक दल मतदाताओं से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा कर रहे हैं जो कि उनकी अपनी आर्थिक सेहत के लिए काफी घातक सिद्ध होगा उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान इस पर बहुत सावधानी से चर्चा करके इसको लागू किया गया था पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इसके पक्ष में थे श्री सिंह ने कहा कि मेरे सहयोगी मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने इस विषय पर विस्तार से टिप्पणी की है उनके अनुसार नई पेंशन योजना से पीछे हटना और पुरानी पेंशन योजना को अपनाना राज्य के लिए वित्तीय आपदा जैसा होगा कुछ राज्य जो इसे लागू कर रहे हैं वास्तव में वे प्रदेश की वित्तीय स्थिति को बड़ी कठिनाइयों और दबाव में डाल रहे हैं नई पेंशन योजना के पीछे ठोस आर्थिक तर्क हैआपको बताते चलें कि कांग्रेस शासित राज्यों में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की चर्चा जोरों पर है राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कुछ राज्यों में कांग्रेस पहले ही पुरानी पेंशन योजना बाहर कर चुकी है और अभी हाल ही में हिमाचल प्रदेश में पार्टी को बहुमत मिला और कांग्रेस की सरकार बन चुकी है अब देखना यह होगा कि के कांग्रेस अपने चुनावी घोषणा पत्र में क्यों हुए बात को कितना पूरा करती है क्योंकि हिमाचल में चुनावी घोषणा पत्र के माध्यम से कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था
: निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर लगी रोक
Tue, Dec 13, 2022
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अभी पिछले हफ्ते ही निकाय चुनाव को लेकर के सभासद पार्षद नगर पालिका और नगर निगम को लेकर के आरक्षण की लिस्ट जारी की गई थी आरक्षण के मुद्दे को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए सोमवार को निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर फ़िलहाल रोक लगा दी याचिका की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी माना जा रहा है कि फैसला आने के बाद रोक समाप्त हो जाएगी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने वैभव पांडे की याचिका पर सुनवाई करते हुए निकाय चुनाव की तारीखों पर रोक लगा दी है जबकि मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने आदेश पारित करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ओबीसी कोटे में लागू आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए हुए निर्देशों के अनुपालन के स्वरूप नहीं है याचिका में ओबीसी कोटे को लेकर सरकार पर सवाल उठाई गई थीजिस पर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने ऐसा माना कि सरकार द्वारा जारी की गई ओबीसी आरक्षण कोटे की लिस्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ट्रिपल टेस्ट के फार्मूले का अनुपालन नहीं किया गया है इसलिए फिलहाल रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगीयाचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता ने दलील दी थी कि अभी इसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने सुरेश महाजन के मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया था कि निकाय चुनाव में ओबीसी कोटे का आरक्षण जारी करने से पहले ट्रिपल टेस्ट किया जाएगा यदि ट्रिपल टेस्ट की औपचारिकताएं पूर्णा की जा सकती हो तो ऐसी दशा में एससी एसटी आरक्षण के अलावा बाकी सभी सीटों को सामान्य मानते हुए निकाय चुनाव कराया जाएगा5 दिसंबर 2022 को राज्य सरकार ने निकाय चुनाव कराने के लिए आरक्षण की लिस्ट जारी की थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी ओबीसी कोटे के आरक्षण को बगैर ट्रिपल टेस्ट के लागू किया गया था
: विधायक की मदद से बांग्लादेशी ने भारतीय नागरिकता हासिल की
Mon, Dec 12, 2022
सपा नेता ने अपने लेटर पैड पर बांग्लादेशी को भारतीय बताया जिसके माध्यम से बांग्लादेशी डॉक्टर रिजवान ने आधार कार्ड और कई सरकारी दस्तावेज हासिल कर लिए थे कानपुर पुलिस ने चारों बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी के लेटर पैड के माध्यम से एक बांग्लादेशी नागरिक को भारतीय बताया गया जिसकी वजह से उसने अपने व तीन अन्य लोगों के भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए एवं वही के पार्षद मनु रहमान की भी भूमिका संदिग्ध लग रही है कानपुर के मूलचंद थाना पुलिस ने किराए पर रह रहे डॉ रिजवान व अन्य तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है
कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया है कि आर्य नगर मैं किराए के मकान पर रहने वाले विदेशी नागरिक डॉ रिजवान को गिरफ्तार किया गया है वह बांग्लादेश का रहने वाला है जबकि अवैध तरीके से आर नगर में किराए के फ्लैट में रह रहा था उसके पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं रिजवान ने कानपुर के रहने वाले खालिद की बेटी से शादी की और उसके बाद में बांग्लादेश चला गया और वही की नागरिकता ले ली
सन 2016 मि रिजवान अपने परिवार के साथ अवैध तरीके से बगैर दूतावास को सूचित किए कानपुर के आर नगर में एक किराए के मकान में रहने लगा और फर्जीवाड़ा कर भारतीय दस्तावेजों नागरिकता राशन कार्ड हासिल कर ली एवं अपने बच्चों के स्कूल में फर्जी तरीके से एडमिशन भी करवा लिया इस बीच रिजवान ने सपा विधायक इरफान सोलंकी व पार्षद मन्नू से कानपुर के नागरिक होने का प्रमाण पत्र भी उनकी लेटर पैड पर ले लिया गिरफ्तारी के समय प्राप्त दस्तावेज के अनुसार रिजवान ने पाकिस्तान बांग्लादेश थाईलैंड मलेशिया की कई यात्राएं भी की है उसके पास से
1400000
भारतीय मुद्रा $1000 dollar तथा भारी मात्रा में बांग्लादेशी मुद्रा बरामद हुई है उसके ससुर व परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है मामला क्योंकि सुरक्षा में चूक का है इसलिए पुलिस इस संवेदनशील मामले में कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहती आगे की तहकीकात जारी है