: केंद्र का नोटबंदी फैसला उचित :--सुप्रीम कोर्ट
Mon, Jan 2, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर मुहर लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यों की संविधान पीठ ने 4 न्यायाधीश की सहमति के फैसले से नोटबंदी को सही ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी की प्रक्रिया में गड़बड़ी नहीं हुई। ये फैसला लेने से पहले केंद्र सरकार और आरबीआई क बीच विचार विमर्श हुआ था। हालांकि 5 न्यायाधीशों की इस बेंच में जस्टिस नागरत्ना ने अलग फैसला सुनाया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मोदी सरकार की नोटबंदी को चुनौती देने वाली सभी 58 याचिकाओं को खारिज कर दिया। नोटबंदी के फैसले को संवैधानिक पीठ ने सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि सुप्रीम कोर्ट और रिजर्व बैंक के बीच इस बारे में विचार विमर्श हुआ था, इसलिए इसे असंवैधानिक नहीं ठहराया जा सकता। 5 जजों की बेंच में से जस्टिस नागरत्ना का फ़ैसला अलग है। इस संविधान पीठ की ओर से केवल जस्टिस नागरत्ना ने सरकार के इस फैसले को गलत बताया। उन्होंने अपने जजमेंट में कहा कि नोटबंदी को कानून के जरिए लागू करना चाहिए था नोटिफिकेशन के जरिए नहीं। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि विमुद्रीकरण (नोटबंदी)की शुरुआत कानून के विपरीत और गैरकानूनी शक्ति का इस्तेमाल था। इतना ही नहीं यह अधिनियम और अध्यादेश भी गैरकानूनी थे। इसके चलते भारत के लोगों को कठिनाई से गुजरना पड़ा। हालांकि, इसे ध्यान में रखते हुए कि ये फैसला 2016 में हुआ था, ऐसे में इसे बदला नहीं जा सकता।जस्टिस वीआर गवई ने कहा कि 6 महीने तक केंद्र और आरबीआई के बीच परामर्श हुआ था। हम मानते हैं कि इस तरह के उपाय को लाने के लिए एक उचित सांठगांठ थी, और हम मानते हैं कि विमुद्रीकरण आनुपातिकता के सिद्धांत से प्रभावित नहीं हुआ था यानी कि सरकार ने इस फैसले को शक्ति का दुरुपयोग करते हुए नहीं बल्कि विचार-विमर्श के बाद लिया था। विमुद्रीकरण (नोटबंदी) लाने के लिए RBI के पास कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है। हमने संदर्भ का उत्तर दिया है और इस प्रकार हम रजिस्ट्री को निर्देश देते हैं कि वह मामले को सीजेआई के समक्ष उचित दिशा-निर्देशों के लिए रखें।
: गुजरात:-- स्वामीनारायण संप्रदाय के कार्यक्रम से लौट रही लग्जरी बस का एसयूवी कार से टक्कर 9 की मौत और 30 घायल
Sat, Dec 31, 2022
गुजरात के नवसारी जिले में शनिवार की सुबह नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा हो गया. शनिवार की सुबह नेशनल हाईवे पर एक फॉर्च्यूनर कार और लग्जरी बस की भीषण टक्कर में 9 लोगों की मौत हो गई है जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है और मृतकों को 2-2 लाख, घायलों को 50-50 हजार की सहायता राशि देने का ऐलानसूरत : गुजरात के नवसारी जिले में शनिवार तड़के एक बस और एसयूवी कार के बीच हुए भीषण हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई और 30 अन्य घायल हो गए. सूरत में चल रहे प्रमुख स्वामी महाराज शताब्दी महोत्सव समारोह से लौट रहे लोगों से भरी एक बस ने नवसारी राष्ट्रीय राजमार्ग (हाइवे) संख्या 48 पर वेसमा गांव के पास हुआ एक टोयोटा फॉर्च्यूनर कार में टक्कर मार दी.
प्राप्त जानकारी के मुताबिक फॉर्च्यूनर के ड्राइवर ने गाड़ी से संतुलन खो दिया. एसयूवी दूसरे लेन पर आ रही बस से जा टकराई. इस हादसे में फॉर्च्यूनर में सवार सभी 9 लोगों की मौत हो गई. वे अंकलेश्वर की प्रो लाइफ केमो फार्मा के कर्मचारी बताए जा रहे हैं. बस में सवार 1 यात्री ने भी दम तोड़ दिया. हादसे के बाद बस ड्राइवर को दिल का दौरा पड़ गया.
कार में सवार नौ लोगों में से आठ की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 30 लोग घायल हो गए. 11 को निजी अस्पताल ले जाया गया.
एक अन्य जानकारी के अनुसार बस चालक को दिल का दौरा पड़ा (हार्ट अटैक आया) और उसका वाहन से नियंत्रण हट गया.
नवसारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि दुर्घटना वेसमा गांव के पास हुई, जब एसयूवी विपरीत दिशा से आ रही थी. एसयूवी में यात्रा करने वाले गुजरात के अंकलेश्वर के निवासी थे, और वे वलसाड से अपने गृहनगर वापस जा रहे थे.उपाध्याय ने कहा, बस के यात्री वलसाड के थे. दुर्घटना के कारण राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया, जिसके बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य रूप से बहाल हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 दिसंबर को अहमदाबाद में प्रमुख स्वामी महाराज शताब्दी महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया था. यह कार्यक्रम 15 दिसंबर को शुरू हुआ और 15 जनवरी, 2023 तक चलने वाला है.
: आईएएस अधिकारियों को मिलेगा नव वर्ष में पदोन्नति का तोहफा
Sat, Dec 31, 2022
. उत्तर प्रदेश सरकार ने नए वर्ष पर दिया आईएएस अधिकारियों को तोहफा पहली बार है कि जब उत्तर प्रदेश सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में आईएएस अधिकारियों की पदोन्नति की है प्रदेश सरकार के कई जिलाधिकारियो का बुधवार को प्रमोशन किया गया इसी कड़ी में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई अब सचिव पद की जिम्मेदारी 1 जनवरी से संभालेंगे सुहास एलवाई के अलावा शीतल वर्मा, आलोक तिवारी, चैत्र वी, नवीन कुमार, मुथुस्वामी, प्रभु नारायण सिंह, अभय, डॉक्टर आदर्श सिंह को भी सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सुहास एलवाई के साथ-साथ 107 आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन हुआ है, जिनमें से 6 आईएएस को प्रमुख सचिव बनाया गया है
साल में 119 आईएएस और 65 आईपीएस अफसरों को प्रमोशन मिलेगा। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को हुई विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक में इस पर सहमति बनी। 1998 बैच के 6 आईएएस अफसर सचिव से प्रमुख सचिव और 2007 बैच के नौ आईएएस विशेष सचिव से सचिव के पद पर प्रमोट होंगे। वहीं आईपीएस अफसरों में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के पद पर 7, पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) से आईजी के पद पर 9 और पुलिस अधीक्षक से डीआईजी के पद पर 13 अधिकारियों को प्रोन्नति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक स्तर के 36 अधिकारियों को सेलेक्शन ग्रेड देने पर सहमति दी गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1998, 2007 और 2019 बैच के IAS अधिकारियों का उत्तर प्रदेश सरकार ने पदोन्नति कर दी है आईएएस अधिकार कुमार, अनिल सागर, अजय चौहान, अनिल कुमार, पंधारी यादव और नीना शर्मा को प्रदेश का प्रमुख सचिव बनाया गया है. 2007 के 9 आईएएस अधिकारियों का पदोन्नति हुआ है. जिन 107 आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन हुआ है, वो सभी नए साल से नई जिम्मेदारी संभालेंगे.1998 बैच के और भी आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. विभागीय पदोनन्ति समिति की बैठक के बाद इनको प्रमोशन की हरी झंडी दी गई है. शासन की इच्छा के अनुरूप नई पोस्टिंग दी जाएगी. वहीं 2005 और 2006 बैच के दो आईएएस अफसरों के खिलाफ जांच को लेकर अभी पदोन्नति को रोक दिया गया हैसुहास एलवाई यूपी कैडर में साल 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं. मूल रूप से कर्नाटक में शिमोगा जिले के रहने वाले हैं. कोरोना महामारी के वक्त सुहास एलवाई को यूपी सरकार ने गौतमबुद्ध नगर का जिलाधिकारी बनाकर भेजा था. वह तब से जिले में काम कर रहे हैं. इससे पूर्व सुहास एलवाई महाराजगंज, सोनभद्र, हाथरस, प्रयागराज, जौनपुर और आजमगढ़ के जिलाधिकारी रह चुके हैं