: वित्त मंत्री ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया
Wed, Feb 1, 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। इस बजट के साथ वह देश की पहली ऐसी महिला हो गई हैं, जिसने देश का आम बजट 5 बार पेश किया हो।
आज सुबह 11 बजे से देश का बजट पेश होना शुरु हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया है। उन्होनें कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक कृषि उत्पादक वाला देश है। सरकार हैदराबाद को उतकृष्ठता केंद्र के रुप में बढ़ावा दिया जाएगा तथा एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।पीएम मतस्य योजना की सरकार शुरुआत करने जा रही है, जिसके लिए 6,000 करोड़ रुपये का निवेश सरकार करेगी। मछुआरों के लिए स्पेशल पैकेज भी सरकार देगी। सरकार सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दे रही है। किसानों को 20 लाख करोड़ का ऋण देगी तथा उसे डिजिटल ट्रेनिंग मुहैया कराएगी। एक साल तक किसानों को लोन में छूट मिलेगी। उसपर कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा। युवाओं के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की भी शुरुआत करेगी।पिछले साल 1.40 लाख करोड़ का हुआ था आवंटनफाइनेंसियल वर्ष 2022-23 के लिये कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की ओर से 1.40 लाख करोड़ का आवंटन किया गया था, जोकि 2021-22 के अनुमानों से बहुत अधिक था। बता दें, मौजूदा समय में सीमांत किसानों को क्रेडिट कार्ड पर 1,0000 से 5,0000 हजार तक का लोन बहुत ही कम ब्याज पर मिलता है, जहां किसान इस पैसे का उपयोग खाद, बीज, कृषि उपकरणों की खरीद पर करते हैं। दूसरी ओर बीते सालों से खाद की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुईकृषि सेक्टर के लिए स्टार्ट-अप फंडकृषि में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम पर जोर देने के साथ नाबार्ड के माध्यम से मिश्रित पूंजी वाले फंड की सुविधा का ऐलान पिछले बजट में केंद्र सरकार ने किया था। सह-निवेश मॉडल के तहत जुटाई गई निधि का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्टअप्स का वित्तपोषण करना है जो कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए प्रासंगिक है। इन स्टार्टअप्स की गतिविधियों में अन्य बातों के साथ-साथ कृषि स्तर पर किराये के आधार पर किसानों के लिए मशीनरी, और एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।
: पुरानी ट्रेन को अंतिम बार चलता देख लोगों की आंखें नम हो गईं
Wed, Feb 1, 2023
145 साल से पटरी पर दौड़ रही मीटर गेज मीनाक्षी एक्सप्रेस मंगलवार (31 जनवरी) को अंतिम बार चली. यह ट्रेन मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में अंग्रजों के जमाने से यानी कि करीबन डेढ़ शताब्दी से पटरी पर दौड़ रही थी. पुरानी ट्रेन को अंतिम बार चलता देख लोगों की आंखें नम हो गईं. इस मौके पर रेल कर्मचारियों और लोगों ने ट्रेन के चालक का फूलों की माला पहनाकर सम्मान किया
अंग्रजों के समय के मीटर गेज को अब ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया जाएगा. बता दें कि यह ट्रेन मध्यप्रदेश के जिले महू और खंडवा के बीच 123 किलोमीटर का सफर तय करती थी. इस ट्रेन का श्रद्धालुओं की आवाजाही में योगदान रहा है. इस ट्रेन से महू इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए मोरटक्का तक आते थे. आज 31 जनवरी को इस ट्रेन ने अपना आखिरी सफर तय किया ह
अंग्रेजों के शासनकाल में मीटर गेज ट्रैक बनाए गए थे, यह ट्रेन इन्हीं ट्रैक पर दौड़ती थी. मीनाक्षी एक्सप्रेस ट्रेन के परिचालन को खत्म करने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा. सभी ट्रैकों को जल्द ब्रॉड गेज में बदल दिया जाएगा
ट्रेन को आखिरी बार चलता देख रेलवे कर्मचारी और आसपास के लोग इमोशनल हो गए. जब ट्रेन चालक और टीसी ट्रेन को आखिरी बार ट्रैक पर दौड़ाने आए, तो लोगों ने फूलों की माला से उनका स्वागत-सतकार किया, चेहरे पर खुशी और नम आंखों के साथ ट्रेन को आखिरी हरी झंडी दिखाई गई. नागरिक इस वक्त पर इस ट्रेन के सफर के इतिहास को याद करते हुए उदास भी दिखे, तो इस बात पर खुशी भी जाहिर की, अब इस ट्रैक के ब्रॉड गेज परिवर्तन से उत्तर से दक्षिण को जोड़ता ये ट्रैक क्षेत्र में विकास के नए द्वार खोलेगा
नर्मदा नदी पर बने मजबूत रेलवे पुल को भी ध्वस्त कर ब्रॉड गेज के लिए नया पुल निर्माण करने की कवायद शुरू हो चुकी है. इस ट्रैक पर लोग आंध्रप्रदेश के काचीगुड़ा से राजस्थान के जयपुर तक के सफर को आज भी अपने जेहन में रखे हुए हैं. मीनाक्षी एक्सप्रेस के नाम से चलने वाली इस ट्रेन की यादें आज भी लोगों के दिल-दिमाग मे बसी हैं.
: रोडवेज बसों का सफर 24 प्रतिशत महंगा
Tue, Jan 31, 2023
रोडवेज बसों का सफर महंगा होगा। राज्य परिवहन प्राधिकरण ने सोमवार को बसों के किराये में लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है फरवरी के दूसरे सप्ताह से नई दरें लागू करने की तैयारी है। अभी रोडवेज बसों का किराया 1.05 रुपये प्रति किमी है, जिसे 25 पैसे प्रति यात्री प्रति किमी बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस तरह नया किराया 1.30 रुपये प्रति किमी हो जाएगा।
इस तरह 100 किमी के लिए 25 रुपये अधिक देने होंगे। रोडवेज बसों के किराए में बढ़ोतरी तीन वर्ष बाद हो रही है। इसके पहले 2020 में 20 पैसे प्रति यात्री प्रति किलोमीटर की वृद्धि हुई थी। निगम अधिकारियों ने परिवहन निगम बोर्ड व उच्च स्तर से सहमति से लेकर राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) को किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा। सोमवार की बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। निगम की ओर से कहा कि उसकी आर्थिक हालत खस्ता है।बस बेड़े का सुदृढ़ीकरण व नियमित कार्य नहीं हो पा रहे हैं। कोरोना काल में बेड़े में नई बसें न शामिल होने और लंबे समय तक संचालन न होने से निगम की हालत बिगड़ी है। बसों की संचालन लागत बढ़ रही है। इस पर एसटीए ने निगम के प्रस्ताव 25 पैसे प्रति यात्री प्रति किमी किराया बढ़ाने पर मुहर लगा दी। निगम के जनसंपर्क अधिकारी अजीत सिंह ने बताया कि किराया बढ़ोतरी का आदेश जल्द जारी होगा।आटो रिक्शा थ्री व्हीलर संघ ने शहरों में किराया बढ़ाने का प्रस्ताव सौंपा था। उस पर भी एसटीए ने मुहर लगा दी है। किराया कितना बढ़ेगा अभी तक स्पष्ट नहीं है, प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रस्ताव को स्वीकृत किया गया है। विभाग जल्द अधिसूचना जारी करेगापरिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में परिवहन निगम के प्रस्ताव पर सहमति दी गई है। इसी तरह शहर में आटो रिक्शा का किराया बढ़ाने पर भी मुहर लगी है।पिछले 10 वर्षों में हर साल किराया बढ़ता रहा है, कई वर्षों में किराये में बढ़ोतरी दो-दो बार हुई है लेकिन, इधर तीन साल से किराया न बढ़ने से निगम का घाटा दिसंबर 2022 तक 210 करोड़ हो चुका है।