: आकांक्षात्मक विकासखण्ड अन्य राज्यों के लिए अच्छा मॉडल: सी0ई0ओ0, नीति आयोग
Fri, Dec 30, 2022
आकांक्षात्मक विकासखण्ड अन्य राज्यों के लिए अच्छा मॉडल: सी0ई0ओ0, नीति आयो लखनऊ: 29 दिसम्बर, 2022मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा के अनुरूप आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर प्रदेश में आकांक्षात्मक विकासखण्डों का चयन किया गया। इन विकासखण्डों में एक-एक मुख्यमंत्री फेलो की तैनाती की गयी। उनके प्रशिक्षण के उपरान्त 21 अक्टूबर, 2022 को उन सभी फेलो के साथ संवाद बनाते हुए उन्हें नियुक्ति पत्र तथा टैबलेट उपलब्ध कराये गये थे। उसके बाद सभी शोधार्थियों ने अपने-अपने तैनाती क्षेत्र में कार्य प्रारम्भ किया। डेढ़ से दो माह की अवधि बहुत बड़ी अथवा बहुत छोटी नहीं होती है। किसी भी कार्य की शुरुआत में वहां की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा अन्य परिस्थितियां एक चुनौती के रूप में सामने होती हैं। इन चुनौतियों का सामना करते हुए सभी फेलो ने अपना कार्य प्रारम्भ किया और आज के कार्यक्रम में अपने-अपने अनुभवों से हमें अवगत कराया है। आप सभी ने अच्छा प्रयास प्रारम्भ किया है।
आज यहां अपने सरकारी आवास पर मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के अन्तर्गत 100 आकांक्षात्मक विकासखण्डों में तैनात शोधार्थियों से संवाद कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने शोधार्थियों से संवाद किया। शोधार्थियों ने अपने-अपने विकासखण्डों में किये जा रहे उल्लेखनीय कार्याें से उन्हें अवगत कराया।यह हमारी कमी है कि हम डाटा कलेक्शन नहीं करते और उसे अपलोड भी नहीं करते। इस कारण कई बार अनेक क्षेत्रों में कार्य तो होते हैं, लेकिन डाटा अपलोड न करने के कारण लोगों को उसकी प्रगति से अवगत नहीं करा पाते। आप सभी फेलो अपने तैनाती स्थल में समन्वय के साथ-साथ डाटा कलेक्शन तथा प्रतिदिन की गतिविधि को अपलोड करने का कार्य करेंगे। डाटा सही होना चाहिए। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा प्रत्येक तीन माह में तथा नियोजन विभाग द्वारा प्रतिमाह इसका मूल्यांकन किया जा रहा है।आपको ट्रेनिंग के दौरान बताये गये सभी पैरामीटर्स को लेते हुए उनकी प्रगति के लिए कार्य करना होगा तथा राज्य के औसत के सापेक्ष कार्याें को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना होगा। उत्तर प्रदेश में सभी सम्भावनाएं हैं। इसे हम बहुत आसानी से आगे बढ़ा सकते हैं। थोड़े संवाद तथा प्रयास की आवश्यकता है। आपको फील्ड में कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। आपको बहुत सामान्य तरीके से समन्वय करते हुए अपने को प्रस्तुत करना होगा, जिससे किसी के अहम को ठेस न पहुंचे। आपको सभी के साथ बेहतर संवाद बनाकर अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाना है। इसके माध्यम से सभी समस्याओं के समाधान का रास्ता अपने आप निकलता हुआ दिखायी देगा।आकांक्षात्मक विकासखण्डों की प्रगति के लिए बनाये गये डैशबोर्ड में अप्रैल से नवम्बर, 2022 के बीच के 08 महीनों के दौरान अनेक अच्छे कार्य हुए हैं। इनसे सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क रजिस्ट्रेशन के साथ ही, निःशुल्क उपचार भी होता है। प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में रविवार के दिन मुख्यमंत्री आरोग्य मेला आयोजित होता है। आप सभी फेलो गोल्डेन कार्ड बनवाने, केन्द्र व प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य तथा पोषण सम्बन्धी योजनाओं के प्रचार-प्रसार, मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत बच्चों को टीकाकरण से आच्छादित करने व टी0बी0 उन्मूलन के लिए संचालित कार्यक्रमों के बारे में लोगों को अवगत कराते हुए उन्हें जागरूक करने का कार्य कर सकते हैं।प्रदेश के 100 आकांक्षात्मक विकासखण्डों में आयुष्मान भारत के गोल्डेन कार्ड की संख्या राज्य औसत से कम थी। प्रदेश सरकार द्वारा किये गये प्रयासों से नवम्बर, 2022 की रैंकिंग में मात्र 23 विकासखण्ड ऐसे हैं, जो राज्य औसत से पीछे हैं। शेष विकासखण्ड राज्य औसत के बराबर आ गये हैं। यदि अन्य लोग भी अपने विकासखण्डों पर ध्यान दें, तो इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक आयुष्मान भारत के अन्तर्गत पीछे छूटे हुए विकासखण्डों को राज्य औसत के बराबर ला सकते हैं। प्राथमिक विद्यालयों में पेयजल की सुविधा के कार्याें में 28 विकासखण्ड राज्य औसत से पीछे थे। विगत 08 महीने के अन्दर किये गये प्रयासों से अब मात्र 02 विकासखण्ड ही राज्य औसत से पीछे रह गये हैं। शेष आकांक्षात्मक विकासखण्ड राज्य औसत के बराबर आ चुके हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गोसंरक्षण, गोआश्रय स्थल या इससे सम्बन्धित योजनाओं में पहले 09 विकासखण्ड राज्य औसत से पीछे थे। आज मात्र एक विकासखण्ड राज्य औसत से पीछे रह गया है। अन्य विकासखण्डों में सहभागिता योजना, गोआश्रय स्थलों में निराश्रित गोवंश को संरक्षित करने या गोआश्रय स्थल से दुधारु गाय को कुपोषित परिवारों को प्रदान करने तथा उन परिवारों को पशुपालन विभाग की ओर से 900 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराने जैसे कार्याें से यह सम्भव हुआ है। जो विकासखण्ड राज्य औसत से पीछे हैं, उसे भी सम्मिलित प्रयासों से राज्य औसत के बराबर लाया जा सकता है।ग्राम सचिवालय, ग्राम पंचायत के स्वावलम्बन का आधार बन सकता है। हमारी अधिकतर ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय का निर्माण हो चुका है। इनमें 04-05 कमरे बने हुए हैं। ग्राम सचिवालय में प्रतिदिन की गतिविधियों के साथ ही, बी0सी0 सखी, रोजगार सेवक, कम्प्यूटर सहायक तथा मिशन शक्ति के अन्तर्गत बीट पुलिस अधिकारी के बैठने की व्यवस्था है। आप सभी फेलो सप्ताह में कम से कम एक बार ग्राम पंचायत का निरीक्षण कर ग्राम पंचायत भवनों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्राम सचिवालय को, केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं से लोगों को अवगत कराने का बड़ा केन्द्र बना सकते हैं। बहुत सी ग्राम पंचायतों ने अपने यहां आय, निवास तथा जाति प्रमाण-पत्र ऑनलाइन बनाना शुरू किया है। इससे उनकी अतिरिक्त आय हुई है तथा लोगों को सुविधा भी मिली है।सभी ग्राम पंचायतों में बी0सी0 सखी की तैनाती की गयी है। बी0सी0 सखी के माध्यम से गांवों में सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन की सुविधा ग्राम सचिवालय में ही गांव के बुजुर्ग तथा निराश्रित लोगों को उपलब्ध होने लगी है। हम लोग इन सुविधाओं से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ सकते हैं। मार्च, 2022 में हमारे 99 आकांक्षात्मक विकासखण्ड बी0सी0 सखी की तैनाती और उनकी कार्य प्रणाली में राज्य औसत से पीछे थे। आज इस सम्बन्ध में किये गये प्रयासों से मात्र 13 विकासखण्ड ऐसे हैं, जो राज्य औसत से पीछे हैं। इन प्रयासों में मुख्यमंत्री फेलो की बड़ी भूमिका हो सकती है।बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में निःशुल्क बैग, पुस्तकें, यूनीफॉर्म, स्वेटर, जूता-मोजा तथा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था है। विद्यालय परिसर में ही आंगनबाड़ी केन्द्र भी संचालित हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, उनकी जानकारी लेना तथा गांवों में ड्रॉपआउट रेट क्या है, आप इसकी जानकारी कर सकते हैं। आप सभी फेलो अपने स्तर पर समन्वय का कार्य करते हुए उन सभी बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। ऑपरेशन कायाकल्प तथा निपुड़ भारत के सभी कार्याें को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे सकते हैं।कोविड महामारी के दौरान ए0एन0एम0, आंगनबाड़ी तथा आशा वर्करों ने बहुत अच्छा कार्य किया था। घर-घर स्क्रीनिंग के कार्य में इन्होंने बड़ी भूमिका का निर्वहन किया था। विपत्ति के समय इनकी ताकत को सरकार ने समझा था। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत टीकाकरण की प्रगति, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, कन्याओं में एनीमिया की स्थिति के सुधार हेतु आप कार्य कर सकते हैं। थोड़ा प्रयास करने से मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित कर सकते हैं। पोषण मिशन के साथ माताओं और बच्चों को जोड़ सकते हैं। योजनाएं हैं, लेकिन उनके बारे में जानकारी का अभाव है। इस कार्य में आपको सहयोग करना है। उन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जो लोग तैनात हैं, उनसे लोगों को जोड़ देना है।कौशल विकास के लिए भी आप अपने विकासखण्ड में अच्छा कार्य कर सकते हैं। आप अपने विकासखण्ड की आवश्यकताओं से कौशल विकास केन्द्र को अवगत कराते हुए आवश्यक ट्रेड के प्रशिक्षण को शुरू कराने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत हर घर में नल कनेक्शन दिया जाना है। कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्लम्बरिंग के कार्य को स्किल डेवलेपमेण्ट से जोड़कर उसके प्रशिक्षण के कार्यक्रम प्रारम्भ कराये जाने चाहिए।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में बहुत से प्रगतिशील किसान ड्रोन का उपयोग करके अपने खेतों में पेस्टिसाइड का छिड़काव कर रहे हैं। आप ड्रोन तकनीक में प्रशिक्षण के कार्यक्रम अपने यहां संचालित कर सकते हैं। विकासखण्ड अथवा जनपद में स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों को गोष्ठी के माध्यम से किसानों से जोड़कर उन्हें आधुनिक कृषि की तकनीक के साथ ही, अच्छे बीजों की उपलब्धता के कार्य किये जा सकते हैं। समय पर बुवाई का पैदावार पर असर पड़ता है। खेती की लागत को कम करने तथा अच्छा उत्पादन करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने प्राकृतिक खेती मिशन की शुरुआत की है।उत्तर प्रदेश में गंगा के तटवर्ती 27 जनपदों तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र के सभी जनपदों को प्राकृतिक खेती के अन्तर्गत लिया गया है। अन्य जनपद भी इसके साथ जुड़ सकते हैं। यह कृषि लागत को कम करती है। इसके माध्यम से किसान को 12 से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। हमें किसानों को इससे अवगत कराना होगा। उत्तर प्रदेश में लगभग 01 लाख 62 हजार से अधिक किसान अब तक प्राकृतिक खेती में प्रशिक्षित हुए हैं। आप किसानों को बागवानी, सब्जी उत्पादन, सहफसली के बारे में बताते हुए समन्वय करते हुए, उन्हें कृषि वैज्ञानिकों, प्रशासन, कृषि विभाग तथा अन्य विभागों के साथ जोड़ सकते हैं।जिन लोगों ने कौशल विकास की ट्रेनिंग पूरी कर ली है, उन्हें बैंकों के साथ समन्वय करते हुए ऋण उपलब्ध कराया जाए। जो उद्यमी, व्यापारी या बेरोजगार नौजवान अपने कारोबार के लिए बैंक से लोन लेना चाहते हैं, उनकी औपचारिकता को पूर्ण कराइये। इसके लिए प्रत्येक विकासखण्ड में कैम्प लगवाइये। राज्य शासन भी प्रत्येक विकासखण्ड में एक-एक ऋण शिविर लगवाने की व्यवस्था करने जा रहा है।जब आप विकासखण्ड मुख्यालय को केन्द्र बनाकर तथा वहां रहकर कार्य करेंगे, तभी परिणाम आएंगे। एक अच्छा सामूहिक प्रयास प्रारम्भ हो, इसी आधार पर आपके कार्याें का मूल्यांकन किया जाएगा। विकासखण्ड की रैंकिंग के साथ ही, आपकी भी रैंकिंग तय होगी। इसके आधार पर सरकारी सेवाओं में आने के लिए आपको आयु में छूट तथा वेटेज प्रदान किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा सभी आकांक्षात्मक विकासखण्डों में खण्ड विकास अधिकारी सहित सभी सम्बन्धित अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गयी है।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपको अपने कार्यक्षेत्र में कार्य की प्रगति में आने वाली समस्याओं से जिलाधिकारी, सम्बन्धित विभाग या नियोजन विभाग को अवगत कराना चाहिए। आप प्रयास करेंगे तो तीन वर्ष के अन्दर अपने विकासखण्ड को सामान्य विकासखण्ड की तर्ज पर आगे बढ़ा देंगे। आपका विकासखण्ड राज्य औसत से भी अच्छा होना चाहिए, क्योंकि अन्य विकासखण्डों में आपकी तरह समन्वय करने वाला कोई फेलो नहीं है। आपकी प्रेरणा से अन्य विकासखण्ड भी आगे बढ़ सकते हैं।उ प्र में जितना पोटेंशियल है, उसे हम थोड़ा भी प्रेरित कर दें, तो उसके अच्छे परिणाम आ सकते हैं। आपको बहुत कम समय मिला है। सभी पैरामीटर्स को ध्यान में रखकर अगर आप व्यवस्था के साथ जुड़कर कार्य करेंगे, तो बेहतर समन्वय से अच्छे परिणाम लाये जा सकते हैं। नीति आयोग ने आकांक्षात्मक विकासखण्ड के कार्य को सराहा है तथा प्रधानमंत्री ने भी इसके प्रति प्रसन्नता व्यक्त की है। आप में से जिन फेलो ने यहां अपनी बात रखी है, वह बहुत अच्छी व सकारात्मक पहल को प्रदर्शित कर रहा है।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए नीति आयोग के सी0ई0ओ0 परमेश्वरन अय्यर ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में विकसित भारत का विजन प्रस्तुत किया था। देश को 05 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सभी राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री का उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का विजन है। इसमें हर जनपद तथा हर ब्लॉक की भूमिका होगी। सभी शोधार्थियों की ऊर्जा, नवाचार तथा क्रियेटिविटी से इस कार्य में प्रभावी परिवर्तन आएगा। आकांक्षात्मक विकासखण्ड अन्य राज्यों के लिए अच्छा मॉडल है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत प्रदेश में अच्छी प्रगति हुई है।मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में 112 आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश में 100 आकांक्षात्मक विकासखण्डों को चिन्ह्ति किया गया। इन विकासखण्डों में उत्साही तथा ऊर्जावान युवाओं का मुख्यमंत्री फेलो के रूप में पारदर्शी तरीके से चयन किया गया। इनके जाने से इन विकासखण्डों में अनेक नए कार्यों की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री जी की सोच है कि इन युवाओं के माध्यम से आकांक्षात्मक विकासखण्डों का तेजी से विकास किया जाएगा। हम प्रयास में हैं कि इसी प्रकार 100 नगर चिन्ह्ति कर उन्हें भी तेजी से विकास के रास्ते पर ले जाएं।इस अवसर पर कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त अरविन्द कुमार, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा महेश गुप्ता, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा, सचिव नियोजन आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर, नीति आयोग के सीनियर एडवाइजर श्री संजीत सिंह, सीनियर कन्सल्टेण्ट श्री राकेश रंजन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं शोधार्थी उपस्थित थे।
: स्थापना दिवस पर कांग्रेस के नेताओं ने एकजुटता दिखाइ
Thu, Dec 29, 2022
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे (मुंबई) में दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई थी। कांग्रेस के संस्थापक महासचिव एओ ह्यूम थे। तब वरिष्ठ नेता व्योमेश चंद्र बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया था।देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस 138 वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस का मुख्यालय आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एआईसीसी मुख्यालय पहुंचकर झंडा फहराया। इस दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। खरगे ने इस दौरान अपना संबोधन भी दिया। उन्होंने कहा कि हमें कांग्रेस पार्टी को समावेशी बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं, वंचित तबकों और बुद्धिजीवियों को हमारे साथ जोड़ना होगा। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से देशभर में करोड़ों कार्यकर्ताओं को संजीवनी मिली है।कांग्रेस अध्यक्ष खरगे मुंबई में कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाने की परंपरा को 37 साल बाद फिर शुरू करने जा रहे हैं। सितंबर में कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए खरगे दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुंबई कांग्रेस द्वारा आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले साल 1985 में राजीव गांधी मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पार्टी के स्थापना दिवस में शामिल हुए थे और उस साल मुख्य कार्यक्रम मुंबई में ही किया गया था।
खरगे ने कहा कि आज भारत ने प्रगति की है क्योंकि कांग्रेस ने दलितों, गरीबों की बेड़ियों को तोड़ने का साहस किया है। लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने मंत्रिमंडल में 5 गैर-कांग्रेसी मंत्रियों को नियुक्त किया। यह सबको साथ लेकर चलने के सिद्धांत को दर्शाता है। खरगे ने आगे कहा कि भारत के मूल सिद्धांतों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पूरे देश में नफरत का गड्ढा खोदा जा रहा है। जनता मंहगाई, बेरोजगारी से परेशान है वहीं इस मौके पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि धर्म के आधार पर, भाषा के आधार पर, जाति के आधार पर, संस्कृति के आधार पर भारत को टुकड़े-टुकड़े बनाने वाले ये संघ परिवार के लोग हैं...इसके खिलाफ ये (भारत जोड़ो) यात्रा चलाई जा रही है।आजादी के आंदोलन के वक्त कांग्रेस पार्टी की नींव आज से 137 साल पहले मुंबई में रखी गई थी। हर साल 28 दिसंबर को कांग्रेस अपना स्थापना दिवस मनाती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस मौके पर बुधवार को खासतौर से मुंबई जाएंगे और एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। कांग्रेस स्थापना दिवस पर सभी राज्यों में कांग्रेस दफ्तरों में भी कार्यक्रम होंगे। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के राष्ट्रीय मुख्यालय में होगा, जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे पार्टी का झंडा फहराएंगे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे (मुंबई) में दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई थी। कांग्रेस के संस्थापक मकांग्रेस को 24 साल बाद गैर गांधी अध्यक्ष मिला है। 1998 में सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था और 2017 में राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना गया, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद राहुल गांधी ने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद खरगे को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। खरगे ने कांग्रेस मुख्यालय में बिना पूर्व समय निर्धारित किए लोगों से मिलना शुरू कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश चुनाव जीता। हालांकि, उनके पदभार ग्रहण करने के बाद कांग्रेस गुजरात विधानसभा चुनाव हार गई। खरगे पार्टी के स्थापना दिवस पर मुंबई जाकर कार्यकर्ताओं को पार्टी मूल्यों के प्रति समर्पण का संदेश देने का प्रयास करेंगे।हासचिव एओ ह्यूम थे। तब वरिष्ठ नेता व्योमेश चंद्र बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद से हर साल 28 दिसंबर को पार्टी अपना स्थापना दिवस मनाती है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार अपनी शादी को लेकर बयान दिया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा है कि वह शादी के लिए ऐसी लड़की चाहेंगे जिसमें उनकी दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी की खूबियां मिली-जुली हों। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल के साथ साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। राहुल गांधी से उनकी दादी के साथ रिश्ते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह मेरे जीवन का प्यार थीं। वह मेरी दूसरी मां थीं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह इंदिरा गांधी जैसी खूबियों वाली किसी लड़की के साथ शादी करना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, ‘यह दिलचस्प सवाल है। मैं ऐसी लड़की पसंद करूंगा जिसमें मेरी दादी और मां की खूबियां मिलीजुली हों।
: पाकिस्तान में हिंदू महिला की बेरहमी से हत्या भारत ने उठाया सवाल
Thu, Dec 29, 2022
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू महिला की सिर काटकर हत्या करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ केस दायर कर लिया है. महिला के परिजनों ने कहा है कि उनकी किसी से साथ कोई दुश्मनी नहीं है
ये घटना सेंट्रल सिंध के संघार ज़िले के सिंझोरो इलाक़े में हुई है. सिंझोरो कराची से करीब 250 किलोमीटर दूर है. 40 साल की दया भील विधवा थीं. उनके पुत्र सुमेर चंद भील ने बताया कि परिवार खेती-बाड़ी करता है भारत ने भी इस हत्या पर पाकिस्तान से सवाल किए हैं भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पाकिस्तान से अल्पसंख्यकों के प्रति जिम्मेदारी निभाने को कहा है यह घटना सिंध प्रांत के सिंझोरो शहर की है। महिला का नाम दया भील है। हत्या की जानकारी, हिंदू समुदाय से पाकिस्तान की पहली महिला सांसद कृष्णा कुमारी ने सोशल मीडिया पर दी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हत्यारों की गिरफ्तारी को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
सीनेटर कृष्णा कुमारी ने ट्वीट में कहा - दया भील 40 साल की विधवा थी। उसके 4 बच्चे हैं। दया की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शव बहुत खराब हालत में मिला। स्वास्थ्य विभाग की एक महिला डॉक्टर के मुताबिक़, उनके यहां दया भील का सिर और धड़ अलग-अलग लाए गए थे. साथ ही उनके नाक और कान भी काट दिए गए थे. पुलिस को अब तक ये अंग नहीं मिले हैं नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर महिला डॉक्टर ने कहा कि महिला के सिर पर गहरी चोट के निशान थे जो किसी तेज़ हथियार के वार से लगे होंगे
स्वास्थ्य विभाग ने मृत्यु का सही कारण जानने के लिए शव का केमिकल एनालिसिस किया है जिसके नतीजे अभी तक नहीं आए हैं पुलिस ने अज्ञात लोगों पर दया भील की हत्या का एक केस दर्ज मामले की गहन जांच शुरू कर दी है. केस में आंतकवाद वाली धाराएं भी लगाई गई हैं.
सिंध में मानवाधिकार मंत्रालय के सलाहकार सुरेंदर वालासाई ने कहा कि उन्होंने पुलिस से जल्द तफ़्तीश करने को कहा है. उन्होने उम्मीद जताई है कि तुरंत हत्या करने वाले लोग पकड़े जाएंगे और फिर नृशंस हत्या करने की वजह साफ़ हो पाएगी.
पुलिस ने जांच के लिए विशेष दल का गठन किया है. इसी दल के एक सदस्य इंस्पेक्टर इशाक़ संगार्सी ने कहा कि शव तो सरसों के खेत से मिला है पर उन्हें वहां किसी के कदमों के निशान नहीं दिखे हैं भारतीय विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन अरिंदम बागची ने कहा- इस मामले की हमारे पास फिलहाल कोई स्पेसिफिक जानकारी नहीं है। ये पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वो अपने देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करें।