: हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव की अधिसूचना पर 20 तक रोक लगाई
Thu, Dec 15, 2022
निकाय चुनाव और आरक्षण पर अब तक 14 जनहित याचिकाएं दाखिल हो चुकी है पूर्व की जनहित याचिका के साथ जोड़कर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ ने निकाय चुनाव की अधिसूचना पर 20 तारीख तक रोक लगा दी है साथ ही ट्रांसजेंडर्स के लिए आरक्षण की मांग करने वाली याचिका पर सरकार से 19 तारीख तक जवाब दाखिल करने को कहा हैउच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ ने अन्य पिछड़ा वर्ग को उचित आरक्षण का लाभ दिए जाने तथा सीटों के रोटेशन के मुद्दों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा था लेकिन बुधवार को सुनवाई के समय सरकार की तरफ से जवाब पेश करने के लिए 3 दिन और वक्त मांगा है जिसको भी कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और अगली सुनवाई 20 दिसंबर को निर्धारित कर दी इसी बीच ट्रांसजेंडर्स के लिए आरक्षण के मुद्दे वाली जनहित याचिका पर 19 तारीख तक सरकार से जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है तथा निकाय चुनाव का कार्यकाल खत्म होने पर प्रशासकों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने पूछा है कि किस प्रावधान के तहत यह शासनादेश जारी किया है न्यायालय ने मामले में राज्य सरकार को 19 तारीख तक जमा भी शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है जबकि याची की ओर से न्यायालय को बताया गया था कि 12 दिसंबर को एक शासनादेश जारी किया गया जिसके तहत निकाय का कार्यकाल खत्म होते ही वह प्रशासनिक व्यवस्था लागू हो जाएगी कोर्ट ने इसे संज्ञान लेते हुए सरकार से 19 तारीख तक जवाब तलब किया है
: फिरोजाबाद:- एक्सप्रेस वे पर यात्री बस हादसे का शिकार 6 यात्री की मौत 20 घायल
Wed, Dec 14, 2022
आगरा एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार और लापरवाही फिर 6 लोगों की मौत और 20 के घायल होने का कारण बनीरायबरेली जा रही थी। बस में करीब 60 यात्री सवार थे। बुधवार तड़के चार बजे नगला खंगर क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर बस डीसीएम से टकरा गई। इसके बाद एक्सप्रेसवे से नीचे पलट गई। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को बस से बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया। थाना पुलिस ने बताया कि हादसे में छह लोगों की मौत हुई है।फिरोजाबाद में भीषण सड़क हादसा हुआ है। हादसे में बस सवार छह यात्रियों की मौत हो गई है। जबकि कई यात्री गंभीर से घायल हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा हुआ है। थाना नगला खंगर क्षेत्र में बुधवार तड़के एक्सप्रेसवे पर 61 माइलस्टोन के समीप डीसीएम से बस की टक्कर हो गई, जिसके बाद बस नीचे जा गिरी। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। 20 यात्री घायल हो गए। घायलों को सैफई रेफर किया गया है। मृतकों में 14 महीने का बच्चा, एक महिला और चार पुरुष शामिल हैं।
इस घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है
: निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर लगी रोक
Tue, Dec 13, 2022
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अभी पिछले हफ्ते ही निकाय चुनाव को लेकर के सभासद पार्षद नगर पालिका और नगर निगम को लेकर के आरक्षण की लिस्ट जारी की गई थी आरक्षण के मुद्दे को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए सोमवार को निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान पर फ़िलहाल रोक लगा दी याचिका की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी माना जा रहा है कि फैसला आने के बाद रोक समाप्त हो जाएगी
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने वैभव पांडे की याचिका पर सुनवाई करते हुए निकाय चुनाव की तारीखों पर रोक लगा दी है जबकि मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी लखनऊ खंडपीठ के न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने आदेश पारित करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ओबीसी कोटे में लागू आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए हुए निर्देशों के अनुपालन के स्वरूप नहीं है याचिका में ओबीसी कोटे को लेकर सरकार पर सवाल उठाई गई थीजिस पर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने ऐसा माना कि सरकार द्वारा जारी की गई ओबीसी आरक्षण कोटे की लिस्ट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ट्रिपल टेस्ट के फार्मूले का अनुपालन नहीं किया गया है इसलिए फिलहाल रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगीयाचिकाकर्ताओं की अधिवक्ता ने दलील दी थी कि अभी इसी वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने सुरेश महाजन के मामले में सुनवाई करते हुए स्पष्ट आदेश दिया था कि निकाय चुनाव में ओबीसी कोटे का आरक्षण जारी करने से पहले ट्रिपल टेस्ट किया जाएगा यदि ट्रिपल टेस्ट की औपचारिकताएं पूर्णा की जा सकती हो तो ऐसी दशा में एससी एसटी आरक्षण के अलावा बाकी सभी सीटों को सामान्य मानते हुए निकाय चुनाव कराया जाएगा5 दिसंबर 2022 को राज्य सरकार ने निकाय चुनाव कराने के लिए आरक्षण की लिस्ट जारी की थी जिसमें सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी ओबीसी कोटे के आरक्षण को बगैर ट्रिपल टेस्ट के लागू किया गया था