: पीएसी बल के शानदार 74 वर्ष के यात्रा में कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई
Sun, Dec 18, 2022
मुख्यमंत्री को उ0प्र0 पी0ए0सी0 के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गयालखनऊ: 17 दिसम्बर, 2022मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल अपने शौर्य व पराक्रम के लिए जाना जाता है। इस बल ने प्रदेश के साथ ही, देश के विभिन्न राज्यों में आन्तरिक सुरक्षा की विभिन्न चुनौतियों का सामना सदैव तत्पर होकर किया है। उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल को जब भी अवसर मिला है, उसने अपना सर्वोत्तम करने का प्रयास किया है। किसी भी बल की पहचान उसके शौर्य व पराक्रम के साथ उसकी कीर्ति से जानी जाती है। यह शौर्य व पराक्रम उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल के साथ जुड़ चुका है। उन्होंने उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 के जवानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके हितों को सदैव अपनी प्राथमिकताओं में शीर्ष पर रखते हुए उनकी दक्षता, गुणात्मकता, कल्याण व उनके मनोबल को ऊँचा उठाने का हर संभव प्रयास करेगी।
मुख्यमंत्री जी आज यहां 35वीं वाहिनी पी0ए0सी0 परिसर में पी0ए0सी0 संस्थापना दिवस-2022 के आयोजन के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने पी0ए0सी0 बल के समस्त अधिकारियों एवं जवानों को संस्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल ने विगत 74 वर्षों मंे अपनी शानदार यात्रा के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 ने परम्परागत पर्वों, त्योहारों, जुलूसों, धार्मिक आयोजनों, राष्ट्रीय पर्वों, सामान्य व स्थानीय निर्वाचन, प्रदेश भ्रमण के दौरान अतिविशिष्ट व्यक्तियों के सकुशल और सुरक्षित यात्रा की दृष्टि से अत्यन्त सराहनीय कार्य किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2001 में देश की संसद पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल के जवानों ने जिस बुद्धिमत्ता और पराक्रम का परिचय दिया था, वह किसी से छुपा नहीं है। जनपद अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर हुए हमले के दौरान भी उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 के जवानों ने तत्परता के साथ कार्यवाही करते हुए आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेरने का कार्य किया था। यह उनके शौर्य, पराक्रम, कीर्ति के साथ ही उनकी तत्परता का प्रतीक है।
राज्य सरकार द्वारा विगत साढ़े पांच वर्ष के दौरान देश के सबसे बड़े पुलिस बल, उत्तर प्रदेश पुलिस में 01 लाख 60 हजार से अधिक पदों की भर्ती की प्रक्रिया को ईमानदारी और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न किया गया है। उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 के जवानों के प्रशिक्षण की क्षमता को दोगुना करने के साथ ही, उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस बल से जुड़कर राज्य के जो भी युवा प्रदेश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था में अपना योगदान देना चाहते हैं, उन सभी युवाओं को बेहतर अवसर प्राप्त हुआ है।
उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 की 46 ऐसी कम्पनियों, जिन्हें किन्हीं कारणों से समाप्त कर दिया गया था, उन सभी को पुनर्जीवित किया गया है। साथ ही 10 अतिरिक्त कम्पनियों का गठन किया गया है। प्रदेश के पी0ए0सी0 बल में 41 हजार से अधिक कार्मिकों की भर्ती की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 की वाहिनियों में सभी कार्मिकों के लिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। सभी वाहिनियों में हाई राइज बैरक के निर्माण की कार्यवाही को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
किसी भी दक्ष फोर्स के लिए आवश्यक होता है कि उसको व्यावसायिक दक्षता के साथ-साथ अच्छा प्रशिक्षण एवं अच्छी बुनियादी सुविधाएं प्राप्त हों। साथ ही, उन्हें समय पर प्रोन्नतियां भी प्राप्त हों। प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल में 184 निरीक्षकों एवं 3,772 उप निरीक्षकों के पदों में वृद्धि कर, उन्हें पदोन्नति के और अधिक अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। विभागीय प्रोन्नति के अन्तर्गत 257 उपनिरीक्षक, 3030 मुख्य आरक्षी तथा 11,184 आरक्षियों को प्रोन्नति प्रदान की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा भविष्य में भी राज्य में इसी प्रकार पी0ए0सी0 में भर्ती/प्रोन्नति की जाती रहेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एस0डी0आर0एफ0 के लिए 1,029, लखनऊ मेट्रो की सुरक्षा हेतु 433 तथा नोएडा मेट्रो की सुरक्षा हेतु 381 पदों की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान कर दी गयी है। प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा पी0ए0सी0 बल में महिलाओं का सम्यक प्रतिनिधित्व करने की दिशा में प्रथम चरण में तीन महिला बटालियनों की स्थापना का कार्य क्रमशः गोरखपुर, लखनऊ एवं बदायूँ में प्रचलित है। इसमें प्रत्येक बटालियन में 1,262 पद स्वीकृत किये गये हैं। राज्य सरकार द्वारा द्वितीय चरण में तीन और महिला बटालियन स्थापित किये जाने का निर्णय लिया गया है। जनपद शामली और बिजनौर में पी0ए0सी0 की नई बटालियनों को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है
पी0ए0सी0 की 17 बाढ़ राहत कम्पनियों में उपलब्ध मोटर बोट्स और अन्य उपकरणों आदि के क्रय के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से अनुदान स्वीकृत किये गये हैं। यू0पी0 112 परियोजना में भी पायलट ड्राइवर के रूप में 1,231 पी0ए0सी0 कर्मी लगाये गये हैं, जो अपराध नियंत्रण व पीड़ित को त्वरित सहायता में अपना योगदान दे रहे हैं। प्रदेश की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन हेतु 645 प्लाटून कमाण्डर यातायात उपनिरीक्षक का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। 75 प्लाटून कमाण्डर एवं 301 मुख्य आरक्षी यातायात नियंत्रण के प्रशिक्षण में भेजे गये हैं, जो शीघ्र ही प्रशिक्षण पूरा कर प्रदेश की यातायात व्यवस्था को सुसंगत करने में अपना योगदान देंगे। इसी प्रकार सुरक्षा विभाग, एस0टी0एफ0, ए0टी0एस0 में पी0ए0सी0 के जवान अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभिन्न महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और न्यायालयों की सुरक्षा हेतु गठित विशेष सुरक्षा बल (एस0एस0एफ0) के 90 प्रतिशत जवान पी0ए0सी0 से ही प्रतिनियुक्ति पर गये हैं। प्रदेश के कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पी0ए0सी0 बल से 997 पी0ए0सी0 कर्मियों को कारागार विभाग में जेल वॉर्डर के पद पर प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में पहली बार प्रदेश पुलिस को बढ़ावा देने के लिए प्रथम चरण में 534 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती की स्वीकृति हमारी सरकार ने दी है, जिसकी चयन प्रक्रिया अतिशीघ्र पूर्ण कर ली जायेगी। पी0ए0सी0 बल के योग्य और श्रेष्ठ खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को पुलिस महानिदेशक का प्रशंसा चिन्ह प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आवासीय व अनावासीय भवनों के निर्माण, चिकित्सीय व्यवस्था को और सुदृढ़ करने और पी0ए0सी0 बल को सर्वाेत्कृष्ट बनाने की दिशा में शासन ने पी0ए0सी0 के सभी मदों व शीर्षकों में बजट की वृद्धि की है। उत्तर प्रदेश के पी0ए0सी0 बल को सशक्त, व्यावसायिक रूप से दक्ष एवं आधुनिक बनाने का हर सम्भव उपाय किया जा रहा है, जिससे आने वाली चुनौतियों का सामना आसानी से किया जा सके। पी0ए0सी0 के जवानों को आधुनिक इंसास राइफल से लैस किया गया है। उन्हें बुलेट प्रूफ हेलमेट भी उपलब्ध कराए गए हैं। बुलेट प्रूफ जैकेट उपलब्ध कराने के लिए तेजी से कार्यवाही की जा रही है।
पुलिस महानिदेशक डी0एस0 चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री के सतत मार्गदर्शन एवं संरक्षण में उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल के कार्य व दक्षता में गुणात्मक सुधार हुआ है। पी0ए0सी0 के जवानों के कल्याण हेतु अभूतपूर्व कार्य किये गये हैं। उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल एक ऐसा शानदार बल है, जिसका एक गौरवशाली इतिहास रहा है। पी0ए0सी0 जवानों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को स्थापित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
मुख्यमंत्री जी के कार्यक्रम में पहंुचने पर उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल के जवानों द्वारा मलखम्भ, जिमनास्टिक, वन मिनट वैपन्स ड्रिल, कमाण्डो समूह, पी0टी0 डिस्प्ले एवं बैण्ड समूह आदि का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री जी ने पाईपिंग सेरेमनी में 05 आरक्षियों को मुख्य आरक्षी के पद पर प्रोन्नति हेतु एवं 05 मुख्य आरक्षियों को एस0आई0ए0पी0/पी0सी0 पद पर प्रोन्नति हेतु प्रोन्नति स्टार व बैज लगाकर सम्मानित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 कार्मिकों के तीन मेधावी बच्चों को भी पुरस्कृत किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न पी0ए0सी0 वाहिनियों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्होंने उत्तम वाहिनी के लिए 32वीं वाहिनी पी0ए0सी0 लखनऊ, अति उत्तम वाहिनी के लिए 34वीं वाहिनी पी0ए0सी0 वाराणसी, सर्वोत्तम वाहिनी के लिए 47वीं वाहिनी पी0ए0सी0 गाजियाबाद, श्रेष्ठ बाढ़ राहत दल के लिए 36वीं वाहिनी पी0ए0सी0 वाराणसी, सर्वाेत्तम प्लाटून के लिए 37वीं वाहिनी पी0ए0सी0 कानपुर, सर्वोत्तम डिमॉन्सट्रेशन के लिए 41वीं वाहिनी पी0ए0सी0 गाजियाबाद को ट्रॉफी एवं पुरस्कार की धनराशि प्रदान की।
23वीं वाहिनी पी0ए0सी0, मुरादाबाद के आरक्षी बलराम को केरल में आयोजित 71वीं अखिल भारतीय पुलिस क्रास कन्ट्री प्रतियोगिता 2022 में रजत पदक प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का कप एवं पुरस्कार की धनराशि प्रदान की। द्वितीय वाहिनी पी0ए0सी0, सीतापुर के पी0ए0सी0 कर्मियों द्वारा बाढ़ में फंसे हुए किसानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए श्रेष्ठ कार्य का पुरस्कार दिया। श्री गोरक्षनाथ मन्दिर, गोरखपुर में संदेहास्पद व्यक्ति के हमले का सामना करने के लिए 20वीं वाहिनी पी0ए0सी0 आजमगढ़ के तीन आरक्षियों को सर्वश्रेष्ठ कार्य का पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक पी0ए0सी0 डॉ0 के0एस0 प्रताप कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के आगमन से पी0ए0सी0 के जवानों में उत्साह का संचार हुआ है।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना संजय प्रसाद एवं उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे।
: हमारा संविधान हमारे मौलिक अधिकारों का रक्षा कवच है
Sat, Dec 17, 2022
भारतीय संविधान की प्रकृति संघात्मक प्रकृति का है डॉक्टर बी आर अंबेडकर जिन्हें भारतीय संविधान का जनक माना जाता है या उनका विचार था, विश्व के संविधानओं की तुलना में भारतीय संविधान वृहद संविधान हैं इस संविधान में प्रशासन से संबंधित सभी प्रावधान राज्य के नीति निर्देशक तत्व मौलिक अधिकार मौलिक कर्तव्य राज्य तथा केंद्र के शासन से संबंधित प्रावधान नए ढांचे की पदसोपानआत्मक व्यवस्था इत्यादि का संपूर्ण विवरण दिया गया है यह वृहद हो गया है क्योंकि यह पूर्ण दस्तावेज है, मजबूत शक्तिशाली केंद्र के साथ संघवाद का स्थापित किया जाना भारतीय संविधान केंद्र तथा राज्य के मध्य अनोखे संघवाद संबंध की स्थापना करता है संघवाद इकाई स्थापित करते हुए केंद्र को अधिक मजबूत बनाया गया है इस संघवाद की अवधारणा के अंतर्गत केंद्र तथा राज्यों को अपने-अपने विषयों पर जिन्हें की संविधान के द्वारा उन्हें आवंटित किया गया है विधि निर्माण करने की शक्ति प्रदान की गई हैं तथा वे अलग-अलग शासन संचालित कर सकते हैं परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में शक्तियां जिन्हें पृथक कर दिया गया है केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजय भारतीय संविधान में ऐसे प्रावधानों का उल्लेख किया गया है जिससे आकस्मिक परिस्थितियों में उत्पन्न होने वाली आकस्मिकता से निपटा जा सकता है आकस्मिकता से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 352 356 तथा 360 के अंतर्गत समाहित किए गए हैं जो आकस्मिकता से निपटने के लिए केंद्र को सशक्त बना देते हैंमौलिक अधिकारों की अवधारणा भारतीय संविधान के भाग 3 अनुच्छेद 12 से लेकर 35 तक में समाहित की गई हैं मौलिक अधिकार अधिकार होते हैं जो एक मानव प्राणी के स्वस्थ वातावरण में आधारभूत तथा सर्वांग पूर्ण विकास हेतु आवश्यक अपरिहार्य तथा प्रकृतितह वंचित होते हैं संविधान का भाग 3 एक व्यक्ति के मौलिक अधिकारों को राज्य के विरुद्ध संरक्षित करता है यह व्यक्ति को राज्य के द्वारा निर्मित मनमानी विधियों से संरक्षित करने की प्रत्याभूत प्रदान करता है यह प्रत्याभूत मौलिक अधिकारों के माध्यम से राज्य द्वारा निर्मित मनमानी विधि अथवा किए गए कृत्य से संरक्षित होती हैं व्यक्ति अनुच्छेद 32 तथा 226 की सहायता मौलिक अधिकारों के भंग हो जाने पर प्राप्त कर सकते हैं {jayendra pandey Advocate}
: काशी से रामेश्वरम तक सांस्कृतिक आवाहन है काशी तमिल संगम समारोह:- योगी आदित्यनाथ
Sat, Dec 17, 2022
तमिलनाडु के घर घर तक ले जाएं यूपी की मधुर स्मृतियां : योगी आदित्यनाथ- काशी तमिल संगमम के समापन समारोह को सीएम योगी ने किया संबोधित- कहा- उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भारत की कला और संस्कृति के केंद्र बिंदु- दोनों प्रदेश भारत में एमएसएमई के सबसे बड़े केंद्र, समन्वय से आएगी समृद्धि- काशी और तमिल संस्कृति के संगम से साकार हो रहा एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्पवाराणसी, 16 दिसंबर। काशी, प्रयाग और अयोध्या यात्रा की मधुर स्मृतियों को आप सब तमिलनाडु के घर घर तक पहुंचाएंगे। साथ ही तमिलनाडु के लोगों को यूपी आने के लिए प्रेरित करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भारत की कला और संस्कृति के महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु हैं, इसके साथ ही दोनों प्रदेश भारत में एमएसएमई के सबसे बड़े सेंटर भी हैं। इन दोनों प्रदेशों की सांस्कृतिक विचारधाराओं के संगम से ना सिर्फ समृद्धि के द्वार खुलेंगे, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत का संकल्प भी साकार होगा। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बीएचयू के एम्फी थियेटर मैदान में आयोजित काशी तमिल संगमम के समापन समारोह के दौरान अपने उद्बोधन में कही।
वणक्कम काशी और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी, तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, सूचना राज्यमंत्री एन मुरुगन सहित सभी विशिष्ठजनों और तमिलनाडु से आए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तमिल कार्तिक मास से काशी तमिल संगमम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भगवान शिव की इस पवित्र भूमि पर किया था। बीते एक माह में तमिलनाडु से 12 अलग-अलग ग्रुपों ने यहां आकर दुनिया की प्राचीनतम सभ्यता और संस्कृति के साथ एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मूर्त रूप देने का कार्य किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु से आए सभी 12 समूहों ने काशी के साथ ही प्रयाग और अयोध्या जाकर यूपी और तमिलनाडु के बीच की प्राचीन समानताओं को भी अनुभव किया है। इसका संदेश ना केवल उत्तर प्रदेश में सकारात्मक रूप से गया है, बल्कि तमिल अतिथियों ने बहुत नजदीक से उत्तर प्रदेश की संस्कृति को अनुभव किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते एक माह में यहां आए समूहों में बहुत से ऐसे लोग भी शमिल थे जो पहली बार काशी, प्रयाग और अयोध्या पहुंचे थे। ये कार्यक्रम बहुत कुछ कह रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भारत की आध्यात्मिक संस्कृति, कला, शिल्प और साहित्य का प्रतिनधित्व करते हैं। इन दोनों के संगम से एक भारत श्रेष्ठ भारत की कल्पना साकार होती है। ये अद्भुत और अविस्मरीणय है। दोनों प्रदेशों में एक और समानता दिखती है। दोंनों ही भारत में एमएसएमई के सबसे बड़े केंद्र हैं। इन दोनों के बीच की समानता आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को भी साकार करती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और रामनाथ स्वामी रामेश्वरम दोनों ही पवित्र ज्योतिर्लिंग हैं। इन दोनों से जुड़ी संस्कृतियों का यह परस्पर मेल मिलाप निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए, इसलिए मुझे विश्वास है कि आप अपनी इस यात्रा की मधुर स्मृतियों को तमिलनाडु के हर घर तक पहुंचाएंगे और उन्हें यूपी आने के लिए प्रेरित करेंगे।
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