: भाजपा की अयोध्या से भी राम-राम अगल-बगल की सीट भी फसी
Tue, Jun 4, 2024
लखनऊ 4 जून लोकसभा चुनाव में भाजपा का भगवा दुर्ग ढह गया और अयोध्या सपा की हो गई। इंडिया गठबंधन के सपा उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने भाजपा के लल्लू सिंह को 56,934 वोटों से हराकर यहां की फैजाबाद संसदीय सीट पर कब्जा कर लिया। बसपा प्रत्याशी सच्चिदानंद पांडेय और भाकपा के अरविंद सेन यादव अपनी जमानत भी नहीं बचा सके।यूपी में भाजपा अपनी उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। पिछली बार 62 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार 33 पर सिमट गई। सेंट्रल यूपी में उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।भाजपा ने राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा और निर्माण को जिस तरह से जनता से बीच उठाया, उसका फायदा उसे नहीं मिला। राममंदिर के इर्द-गिर्द की सभी लोकसभा सीटें भाजपा हार गई। अयोध्या मंडल में उसका रिपोर्ट कार्ड ''जीरो'' रहा। इतना ही नहीं वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने मध्य यूपी की 24 में से 22 सीटें जीती थीं। लेकिन, इस बार उसे इस क्षेत्र में 13 सीटों का नुकसान हुआ। वहीं, कांग्रेस को 3 और सपा को 11 सीटों का फायदा हुआ।अयोध्या मंडल की फैजाबाद सीट भी भाजपा नहीं बचा सकी। सपा ने अयोध्या में दलित प्रत्याशी व पूर्व मंत्री अवधेश प्रसाद को उतारा, जिन्होंने भाजपा के लल्लू सिंह को 50 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया। इस मंडल की सबसे चर्चित सीट अमेठी में भाजपा प्रत्याशी व कद्दावर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कांग्रेस के केएल शर्मा के सामने कहीं भी नहीं टिक सकीं। बाराबंकी में कांग्रेस के तनुज पुनिया ने दो लाख से ज्यादा मतों से भाजपा प्रत्याशी राजरानी रावत को हराकर साबित कर दिया कि मंदिर से उपजी किसी तरह की लहर यहां तक नहीं पहुंच सकी। अयोध्या मंडल के अम्बेडकरनगर क्षेत्र में पिछली बार बसपा के टिकट पर सांसद चुने गए रितेश पांडे पर भाजपा ने इस बार दांव लगाया था। उसका यह दांव भी फ्लॉप साबित हुआ। सपा के लालजी वर्मा ने उन पर बढ़त ली।
: जंगलों की कटान बंद करके पेड़ों को अधिक से अधिक लगाएं जिससे आने वाली पीढ़ी को तापमान से बचाए
Sun, Jun 2, 2024
लखनऊ 2 जून आजकल बढ़ते हुए तापमान को देखते हुए जीव जंतु से लेकर पूरी मानव जाति त्राहि त्राहि कर रही है विकास की आड़ में प्रकृति के साथ छेड़छाड़ मानव जाति के विनाश को निमंत्रण दे रही है यही कारण है कि आज हमारे देश में तापमान का पर 50 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया है अतिशय पेड़ों की कटाई जंगलों का लुप्त होना जल के प्राकृतिक स्रोतों का लुप्त होना एवं प्राकृतिक संसाधनों का अतिशय दुरुपयोग इस जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण है प्रकृति की इस विभीषिका से बचने के लिए हम सभी को अपने जीवन में संकल्प के साथ एक-एक वृक्ष हर सदस्य के नाम से लगाना चाहिए जिससे कि आने वाले समय में पृथ्वी के बढ़ते हुए तापमान को रोका जा सके आईए जानते हैं कौन से वृक्ष लगाने से क्या लाभ प्राप्त किया जा सकता है कौन कौन से पेड़ लगाएं कि ज्यादा लाभ हो और परिश्रम सही दिशा में हो…
*स्कंदपुराण* में एक सुंदर *श्लोक* है…
*अश्वत्थमेकम् पिचुमन्दमेकम्*
*न्यग्रोधमेकम् दश चिञ्चिणीकान्।।*
*कपित्थबिल्वाऽऽमलकत्रयञ्च* *पञ्चाऽऽम्रमुप्त्वा नरकन्न पश्येत्।।
*अश्वत्थः* = *पीपल* (100% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*पिचुमन्दः* = *नीम* (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*न्यग्रोधः* = *वटवृक्ष* (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*चिञ्चिणी* = *इमली* (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*कपित्थः* = *कविट* (80% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*बिल्वः* = *बेल* (85% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*आमलकः* = *आवला* (74% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
*आम्रः* = *आम* (70% कार्बन डाइऑक्साइड सोखता है)
(उप्ति = पौधा लगाना)
अर्थात् - जो कोई इन वृक्षों के पौधो का रोपण करेगा, उन की देखभाल करेगा उसे नरक के दर्शन नही करना पड़ेंगे।
इस सीख का अनुसरण न करने के कारण हमें आज इस परिस्थिति के स्वरूप में नरक के दर्शन हो रहे हैं। अभी भी कुछ बिगड़ा नही है, हम अभी भी अपनी गलती सुधार सकते हैं।
*औऱ गुलमोहर* , *निलगिरी*- जैसे वृक्ष अपने देश के *पर्यावरण के लिए घातक* हैं।
पश्चिमी देशों का अंधानुकरण कर हम ने अपना बड़ा नुकसान कर लिया है।
पीपल, बड और नीम जैसे वृक्ष रोपना बंद होने से सूखे की समस्या बढ़ रही है।
ये सारे वृक्ष वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते है। साथ ही, धरती के तापनाम को भी कम करते है।
हमने इन वृक्षों के पूजने की परंपरा को अन्धविश्वास मानकर फटाफट संस्कृति के चक्कर में इन वृक्षो से दूरी बना कर *यूकेलिप्टस* (*नीलगिरी*) के वृक्ष सड़क के दोनों ओर लगाने की शुरूआत की। यूकेलिप्टस झट से बढ़ते है लेकिन ये वृक्ष दलदली जमीन को सुखाने के लिए लगाए जाते हैं। इन वृक्षों से धरती का जलस्तर घट जाता है। विगत ४० वर्षों में नीलगिरी के वृक्षों को बहुतायात में लगा कर पर्यावरण की हानि की गई है।
*शास्त्रों* में *पीपल* को *वृक्षों* का *राजा* कहा गया है ⤵️
*मूले ब्रह्मा त्वचा विष्णु शाखा शंकरमेवच।*
*पत्रे पत्रे सर्वदेवायाम् वृक्ष राज्ञो नमोस्तुते।।*
*भावार्थ-जिस वृक्ष की *जड़* में *ब्रह्मा* *जी* *तने* पर *श्री* *हरि विष्णु जी* एवं *शाखाओं* पर देव आदि देव *महादेव भगवान शंकर जी* का निवास है और उस वृक्ष के *पत्ते पत्ते* पर *सभी देवताओं* का *वास* है ऐसे वृक्षों के राजा पीपल को *नमस्कार* है
आगामी वर्षों में प्रत्येक ५०० मीटर के अंतर पर यदि एक एक पीपल, बड़ , नीम आदि का वृक्षारोपण किया जाएगा, तभी अपना भारत देश प्रदूषणमुक्त होगा।
*घरों* में *तुलसी* के पौधे लगाना होंगे।
हम अपने संगठित प्रयासों से ही अपने "भारत" को नैसर्गिक आपदा से बचा सकते हैं।
भविष्य में भरपूर मात्रा में *नैसर्गिक* *ऑक्सीजन* मिले इसके लिए आज से ही अभियान आरंभ करने की आवश्यकता है।
आइए हम *पीपल* , *बड़*, *बेल*, *नीम*, *आंवला* एवं *आम* आदि *वृक्षों* को *लगा कर* आने वाली पीढ़ी को **निरोगी* *एवं* " *सुजलां* *सुफलां* *पर्यावरण*" देने का प्रयत्न करें।
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*अपने जन्म दिन पर एक पौधा जरूर लगाएं*
: पीएम सोलर योजना के अंतर्गत सोलर पैनल लगवाएं 108000 की सब्सिडी प्राप्त करें
Sat, Jun 1, 2024
लखनऊ 1 जून बिजली बिल के बढ़ते बोझ से परेशान हैं तो सोलर सिस्टम आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। सोलर पैनल के लिए सरकर प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत 1 लाख 8 हजार तक की सब्सिडी भी देती है।इसके लिए कैसे अप्लाई करें, सब्सिडी कैसे मिलेगी योजना से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध है।
प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना
आपका बिजली कनेक्शन 4 किलोवाट का है, तो छत पर 4 किलोवाट का ऑन ग्रिड सोलर पैनल लगवाएं। इससे रोजाना 20 यूनिट बिजली बना सकते हैं। यह बिजली डिस्कॉम के ग्रिड में चली जाएगी। सोलर पैनल एक महीने में यदि 600 यूनिट बिजली बनाता है, तो आपके बिजली बिल से 600 यूनिट की रकम घट जाएगी। देश के हर राज्य में इस स्कीम का लाभ लिया जा सकता है।प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना के तहत केंद्र सरकार का अक्षय ऊर्जा मंत्रालय और राज्य सरकारें रूफटॉप सोलर सिस्टम के लिए सब्सिडी अलग-अलग देती हैं। केंद्र सरकार इसके लिए 1 लाख 08 हजार तक की सब्सिडी देती है। पीएम सूर्योदय योजना से देश के 1 करोड़ परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया है।
केंद्र सरकार की सब्सिडी
1 से 10 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर पर अलग-अलग सब्सिडी उपलब्ध निर्धारित है।1 किलोवाट की क्षमता के सोलर सिस्टम पर 30 हजार की सब्सिडी मिलती है।2 किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 60 हजार, 3 से 10 किलोवाट तक की क्षमता के सोलर सिस्टम पर 78 हजार रुपए सब्सिडी दी जाती है।
योगी सरकार से मिलेंगे 30 हजार
उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार भी सोलर सिस्टम के लिए 15 हजार से 30 हजार तक की सब्सिडी देती है। यूपी की योगी सरकार 1 किलोवाट के सोलर सिस्टम पर 15,000 और इससे अधिक पर 30 हजार सब्सिडी देती है। यानी राज्य और केंद्र की सरकार प्रति सोलर सिस्टम पर 1.08 लाख का अनुदान मुहैया कर रही हैं।
सोलर पैनल सब्सिडी के लिए Online आवेदन
सबसे पहले MNRE की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। पोर्टल के होम पेज पर Apply for Rooftop Solar पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करें। इसमें आपको राज्य, जिला डिस्कॉम एवं बिजली उपभोक्ता नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद Captcha कोड दर्ज कर Next पर क्लिक करें। अब मोबाइल नंबर वेरिफाई कर दोबारा सबमिट करें। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद अब मोबाइल नंबर की सहायता से लॉगिन करें। यहां आपको सोलर सिस्टम की पूरी डिटेल दर्ज करनी है। जिसके बाद सिस्टम की फिजिबिलिटी रिपोर्ट मिलेगी। आवेदन पूरा भरकर Submit करें।डिस्कॉम में पंजीकृत विक्रेता से ही लगवाएं पैनलसोलर सिस्टम पर सब्सिडी के लिए डिस्कॉम में पंजीकृत विक्रेता के माध्यम से सोलर सिस्टम स्थापित करना होगा। ग्राहक को पहले सोलर सिस्टम की पूरी रिपोर्ट मिलती है। जिसमें आप अपने बैंक विवरण दर्ज करेंगे। नेट-मिटरिंग के बाद 30 से 60 दिन में सब्सिडी बैंक खाते में आती है। सोलर सिस्टम लगाने से पहले सोलर पैनल, सोलर इन्वर्टर का सिलेक्शन बेहतर करें। सोलर सिस्टम के लिए बैंकलोन भी उपलब्धसोलर सिस्टम के लिए बैंकलोन भी ले सकते है। केंद्र सरकार भी सपोर्ट करती है। कुल लागत की 20 से 30% राशि डाउन-पेमेंट करनी होगी। शेष राशि किस्तों में आपके बैंक खाते से कटती जाएगी। लोन से जुड़ी जानकारी नजदीकी बैंक से प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए एड्रेस प्रूफ, ITR, बिजली बिल जरूरी है।
PM सूर्योदय योजना और उसके फायदे
पीएम नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना लॉन्च की है। इस योजना के तहत एक करोड़ परिवारों की छत पर सोलर पैनल लगवाकर 15 हजार तक की सालाना आमदनी बढ़ानी है। ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली इस यह योजना पर्यावरण स्वच्छ रखने में मददगार है। बिजली बिल में भी बचत होगी।
नेशनल रूफटॉप स्कीम
केंद्र सरकार 2014 से 'नेशनल रूफटॉप स्कीम' चला रही है। इसके तहत अगर बिजली बिल 2,500 से 3,000 के बीच आता है तो 3Kw के सोलर प्लांट से पूरे घर की बिजली आपूर्ति हो सकती है। जिसकी लागत 1.26 लाख के करीब है। सरकार इसमें 54 हजार की सब्सिडी देती है। यानी आपको 72 हजार खर्च करने होंगे। प्लांट से 25 साल तक बिजली ले सकते हैं। यानी प्रतिदिन 8 रुपए खर्च होगा।