: स्थापना दिवस पर कांग्रेस के नेताओं ने एकजुटता दिखाइ
Thu, Dec 29, 2022
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे (मुंबई) में दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई थी। कांग्रेस के संस्थापक महासचिव एओ ह्यूम थे। तब वरिष्ठ नेता व्योमेश चंद्र बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया था।देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस 138 वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस का मुख्यालय आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इस मौके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एआईसीसी मुख्यालय पहुंचकर झंडा फहराया। इस दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। खरगे ने इस दौरान अपना संबोधन भी दिया। उन्होंने कहा कि हमें कांग्रेस पार्टी को समावेशी बनाने के लिए युवाओं, महिलाओं, वंचित तबकों और बुद्धिजीवियों को हमारे साथ जोड़ना होगा। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से देशभर में करोड़ों कार्यकर्ताओं को संजीवनी मिली है।कांग्रेस अध्यक्ष खरगे मुंबई में कांग्रेस का स्थापना दिवस मनाने की परंपरा को 37 साल बाद फिर शुरू करने जा रहे हैं। सितंबर में कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए खरगे दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुंबई कांग्रेस द्वारा आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले साल 1985 में राजीव गांधी मुंबई में कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर पार्टी के स्थापना दिवस में शामिल हुए थे और उस साल मुख्य कार्यक्रम मुंबई में ही किया गया था।
खरगे ने कहा कि आज भारत ने प्रगति की है क्योंकि कांग्रेस ने दलितों, गरीबों की बेड़ियों को तोड़ने का साहस किया है। लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने मंत्रिमंडल में 5 गैर-कांग्रेसी मंत्रियों को नियुक्त किया। यह सबको साथ लेकर चलने के सिद्धांत को दर्शाता है। खरगे ने आगे कहा कि भारत के मूल सिद्धांतों पर लगातार हमले हो रहे हैं। पूरे देश में नफरत का गड्ढा खोदा जा रहा है। जनता मंहगाई, बेरोजगारी से परेशान है वहीं इस मौके पर कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा कि धर्म के आधार पर, भाषा के आधार पर, जाति के आधार पर, संस्कृति के आधार पर भारत को टुकड़े-टुकड़े बनाने वाले ये संघ परिवार के लोग हैं...इसके खिलाफ ये (भारत जोड़ो) यात्रा चलाई जा रही है।आजादी के आंदोलन के वक्त कांग्रेस पार्टी की नींव आज से 137 साल पहले मुंबई में रखी गई थी। हर साल 28 दिसंबर को कांग्रेस अपना स्थापना दिवस मनाती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस मौके पर बुधवार को खासतौर से मुंबई जाएंगे और एक कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। कांग्रेस स्थापना दिवस पर सभी राज्यों में कांग्रेस दफ्तरों में भी कार्यक्रम होंगे। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के राष्ट्रीय मुख्यालय में होगा, जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे पार्टी का झंडा फहराएंगे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर, 1885 को बॉम्बे (मुंबई) में दास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में 72 प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई थी। कांग्रेस के संस्थापक मकांग्रेस को 24 साल बाद गैर गांधी अध्यक्ष मिला है। 1998 में सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया था और 2017 में राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना गया, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद राहुल गांधी ने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद खरगे को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया है। खरगे ने कांग्रेस मुख्यालय में बिना पूर्व समय निर्धारित किए लोगों से मिलना शुरू कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश चुनाव जीता। हालांकि, उनके पदभार ग्रहण करने के बाद कांग्रेस गुजरात विधानसभा चुनाव हार गई। खरगे पार्टी के स्थापना दिवस पर मुंबई जाकर कार्यकर्ताओं को पार्टी मूल्यों के प्रति समर्पण का संदेश देने का प्रयास करेंगे।हासचिव एओ ह्यूम थे। तब वरिष्ठ नेता व्योमेश चंद्र बनर्जी को अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद से हर साल 28 दिसंबर को पार्टी अपना स्थापना दिवस मनाती है।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहली बार अपनी शादी को लेकर बयान दिया है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा है कि वह शादी के लिए ऐसी लड़की चाहेंगे जिसमें उनकी दादी इंदिरा गांधी और मां सोनिया गांधी की खूबियां मिली-जुली हों। उन्होंने एक यूट्यूब चैनल के साथ साक्षात्कार में यह टिप्पणी की। राहुल गांधी से उनकी दादी के साथ रिश्ते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, वह मेरे जीवन का प्यार थीं। वह मेरी दूसरी मां थीं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह इंदिरा गांधी जैसी खूबियों वाली किसी लड़की के साथ शादी करना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, ‘यह दिलचस्प सवाल है। मैं ऐसी लड़की पसंद करूंगा जिसमें मेरी दादी और मां की खूबियां मिलीजुली हों।
: नमामि गंगे प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पर सरकार संतुष्ट लेकिन जनता की प्रतिक्रिया
Wed, Dec 21, 2022
लखनऊ: 21 दिसम्बर, 2022गंगा जी व सहायक नदियों को अविरल-निर्मल बनाने के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ‘नमामि गंगे’ परियोजना के अत्यन्त संतोषप्रद परिणाम देखने को मिले हैं। गंगा व सहायक नदियों की स्वच्छता के इस अभियान में केन्द्र व राज्य सरकार के प्रयासों में जनसहयोग भी प्राप्त हो रहा है। आज गंगा नदी में डॉल्फिन की वापसी हुई है। तकनीक का प्रयोग कर नदियों को स्वच्छ बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री लोक भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ‘नमामि गंगे’ परियोजना के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में वर्ष 2019 में राष्ट्रीय गंगा परिषद की प्रथम बैठक कानपुर में सम्पन्न हुई थी। आगामी 30 दिसम्बर को राष्ट्रीय गंगा परिषद की द्वितीय बैठक प्रस्तावित है। इसके लिए आवश्यक तैयारी समय से पूरी कर ली जाए।
नमामि गंगे परियोजना, गंगा नदी के साथ-साथ सहायक नदियों के लिये भी है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यहां अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। जनपद कानपुर के जाजमऊ तथा सीसामऊ नाले से गिरने वाले गन्दे पानी को गंगा नदी में गिरने से रोकने के लिये प्रभावी प्रयास किये गये हैं। आज यह सेल्फी प्वाइंट बन गया है। गंगा सहित सभी नदियों की अविरलता तथा निर्मलता सुनिश्चित करने के लिए नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए और प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा, उत्तर प्रदेश को प्रकृति प्रदत्त अनुपम उपहार हैं। गंगा नदी के बहाव का सर्वाधिक क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है। यह हमारी आस्था का केन्द्र बिन्दु हैं एवं अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार भी हैं। प्रयागराज महाकुम्भ 2025 के प्रारम्भ होने से पहले तक गंगा को अविरल-निर्मल बनाने का संकल्प पूर्ण करना होगा। नदियों को सीवरेज की गंदगी और पानी को विषाक्त होने से बचाने के लिए एस0टी0पी0 लगाए जाने की कार्यवाही में तेजी लायी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मां गंगा अनादिकाल से हमारी आस्था का केन्द्र रही हैं। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में यह आस्था के साथ अर्थव्यवस्था का आधार भी बन रही हैं। ‘अर्थ गंगा अभियान’ का सर्वाधिक लाभ उन करोड़ों लोगों को होगा, जिनकी आजीविका गंगा नदी पर ही निर्भर है। अर्थ गंगा से सकल घरेलू उत्पाद में 03 प्रतिशत का योगदान होने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमंे ठोस प्रयास करने होंगे। विशेषज्ञों की सहायता से इसे एक मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए प्रयास किये जाएं।
किसानों की आय बढ़ाने और विषमुक्त खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा गंगा नदी के दोनों तटों पर 05-05 किलोमीटर तक प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। प्रदेश के 27 जनपद गंगा नदी से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा बुन्देलखण्ड के 07 जनपदों में प्राकृतिक खेती के लिए विशेष अभियान शुरु किया गया है। वर्तमान में लगभग 85 हजार हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती हो रही है। इस बार यहां उत्पादन अच्छा हुआ है।
जीरो बजट वाली प्राकृतिक खेती के अच्छे परिणामों के तुलनात्मक रिपोर्ट के साथ किसानों को जागरुक किया जाए। राज्य स्तरीय प्राकृतिक खेती बोर्ड का गठन किया गया है। प्राकृतिक खेती के अभियान से अधिकाधिक किसानों को जोड़ा जाए। अब तक प्रदेश में 66,180 हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती तहत लाया गया है। एक लाख से अधिक किसान जैविक खेती से लाभान्वित हो रहे हैं। सभी किसानों को भारत सरकार के जैविक खेती पोर्टल से जोड़ा जाए। जैविक उत्पादों की पहचान करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सभी मण्डल मुख्यालयों पर प्रयोगशाला की स्थापना की जाए। इसी प्रकार सभी कृषि मण्डियों में जैविक उत्पाद के आउटलेट भी स्थापित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा का हर घाट पवित्र है। इसके किनारे अनेक तीर्थ क्षेत्र, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थल तथा असीम प्राकृतिक सुन्दरता है। इन क्षेत्रों में पर्यटन की नवीन सम्भावनाओं को बढ़ावा दिया जाए। यहां एडवेंचर टूरिज्म तथा वॉटर स्पोर्ट टूरिज्म की अपार सम्भावना है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से इस दिशा में वाराणसी में प्रेरक प्रयास हुए हैं। रिवर क्रूज टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट/कैम्पिंग सुविधाओं के साथ वन्य जीव पर्यटन के मॉडल को विकसित किया जाए।
प्रधानमंत्री ने नदी शहरों के लिए नई सोच की आवश्यकता बताई है। नमामि गंगे के अनुभवों से सीख लेते हुए नदी किनारे बसे शहरों की योजना बनाने में नई नदी केन्द्रित सोच की जरूरत है। यह शहर के मास्टर प्लान का हिस्सा होना चाहिए। आई0आई0टी0 कानपुर के तकनीकी सहयोग से इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही की जाए। महिला स्वयं सहायता समूहों, भूतपूर्व सैनिकों आदि के सहयोग से गंगा नर्सरी विकसित करने के प्रयास किये जायें। यहां नर्सरी से लेकर फलों के प्रसंस्करण की पूरी वैल्यू चेन बनायी जाए। यह ‘गंगा उत्पाद’ गंगा किनारे के लोगों के लिए आय के स्थायी साधन बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नदी संस्कृति के प्रति व्यापक जागरूकता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। जल संरक्षण, नदियों की स्वच्छता, नदी पुनर्जीवन तथा स्वच्छता के अभियान से बच्चों को भी जोड़ा जाए। माध्यमिक कक्षाओं के पाठ्यक्रम में इस विषय को शामिल किया जाए। युवक मंगल दल/महिला मंगल दल के माध्यम से समाज को जागरूक करने के प्रयास किये जाएं।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव दुग्ध विकास एवं पशुपालन डॉ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव खेल नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम, प्रमुख सचिव नमामि गंगे श्री अनुराग श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव राजस्व सुधीर गर्ग, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, सूचना एवं गृह संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
: ओमप्रकाश राजभर को बृजेश पाठक ने अटल बिहारी बाजपेई फाउंडेशन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया
Tue, Dec 20, 2022
ओमप्रकाश राजभर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के आवास पर पहुंचे. मुलाकात के बाद बृजेश पाठक ने ओमप्रकाश राजभर को अटल बिहारी बाजपेई फाउंडेशन का सह अध्यक्ष नियुक्त किया है. इससे पहले बीजेपी से गठबंधन को लेकर जवाब देते हुए कहा था, "राजनीति में कोई कसम किसी ने खायी है. क्या बीजेपी और पीडीपी में गठबंधन एक होने की संभावना कभी थी? राजनीति में नेता बार बार कहता हूं कि नेता दुमुहिया सांप होते हैं. कब क्या बोल देंगे कुछ पता नहीं. " हालांकि उपचुनाव से पहले भी उन्होंने ऐसा ही एक बयान देकर बीजेपी के साथ गठबंधन पर दिया था. जबकि दो बार उनकी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साथ तस्वीरें भी सामने आई थी.ओपी राजभर ने अपने एक बयान में कहा था, 'बयान में कहा, "राजनीति में कोई कसम किसी ने खायी है. क्या यूपी में बीजेपी और सपा का गठबंधन एक होने की संभावना कभी थी? बीजेपी और पीडीपी एक हो सकते हैं. अलगाववाद का नारा पीडीपी को बीजेपी के लोग बताते थे. लेकिन दोनों ने मिलकर कश्मीर में सरकार चलाई थी. राजनीति में नेता बार बार कहता हूं कि नेता दुमुहिया सांप होते हैं. कब क्या बोल देंगे वह सपा पर निशाना साध रहे