: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है मुख्यमंत्री योगी
Tue, Mar 7, 2023
लखनऊ : 07 मार्च, 2023प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश की संवेदनशील सरकार सबका संबल बन रही है। ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान सरकार की इसी संवेदनशीलता के प्रयास हैं।
मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में योगीराज बाबा गम्भीरनाथ प्रेक्षागृह
एवं सांस्कृतिक केन्द्र में ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ के 82 लाभार्थियों को लैपटॉप, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार राशि का चेक और 20 महिला मंगल दलों को स्पोर्ट्स किट वितरण समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सदी की सबसे बड़ी महामारी कोरोना के दौरान जिन बच्चों ने अपने माता-पिता दोनों या इनमें से किसी एक को खोया था या कोरोना काल में जो बच्चे किसी अन्य कारणों से निराश्रित हुए थे, उन सभी के लिए प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ शुरू की।
योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये छात्रवृत्ति स्वरूप दिए जा रहे हैं। इस योजना में 9वीं या इससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की व्यवस्था की गई है। जिन बच्चों के माता-पिता दोनों या किसी एक की मृत्यु कोरोना काल में किसी अन्य कारणों से हुई है ऐसे बच्चों को ‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)’ के अंतर्गत प्रतिमाह 2500 रुपये दिए जा रहे हैं।
कोरोना ने पूरी दुनिया में तबाही मचाई थी। कोई ऐसा देश नहीं जहां बड़ी संख्या में मौतें न हुई हों। इस संकट की परिस्थिति में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना प्रबंधन का बेहतरीन मॉडल पेश किया। टेस्ट, उपचार, वैक्सीन और राशन की निःशुल्क व्यवस्था की गई। आज भी देश में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है। 200 करोड़ से अधिक वैक्सीन की डोज मुफ्त दी गईं। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रबंधन के दौरान अनेक नवाचार भी हुए। पहले लॉकडाउन फिर जहां बीमार-वहीं उपचार के साथ ही भरण-पोषण भत्ता देने की व्यवस्था बनाई गई। कोरोना से जो बच्चे निराश्रित हुए, उनकी परवरिश का बड़ा प्रश्न था। इसके लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत की गई। बच्चों के भरण पोषण व पढ़ाई के लिए धनराशि खातों में पहुंच रही है।
गोरखपुर में 603 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और 218 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का लाभ मिल रहा है। वर्ष 2021-22 में 115 बच्चों को लैपटॉप दिया गया था, आज 82 बच्चों को लैपटॉप प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बच्चों को डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़ने के बारे में बताते हुए कहा कि दुनिया ज्ञान का अथाह भंडार है। इससे तारतम्य स्थापित कर लिया जाए तो कुछ भी असंभव नहीं है। लैपटॉप मिलना डिजिटल दुनिया से संवाद बनाने का अच्छा अवसर है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कोरोना की त्रासदी को भूलकर नई दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। आपको 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद, 23 वर्ष होने तक पीएम केयर्स फंड से भी अच्छी धनराशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि माता-पिता की कमी कोई पूरा नहीं कर सकता लेकिन सरकार से मिलने वाली यह धनराशि आपके लिए संबल है।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ प्रधानमंत्री का मंत्र है। इसी के तहत आज उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों, संस्थाओं और महिला मंगल दलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गांव-गांव में खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं ताकि बेटियां भी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनें। इसमें महिला मंगल दल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सरकार हर ग्राम पंचायत को स्पोर्ट्स किट देगी। 10 वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 10-10 बालिकाओं को पांच-पांच हजार रुपये, 12वीं की जिला टॉपर को 20 हजार रुपये, कक्षा 5 से 6 में बालिकाओं के शत-प्रतिशत रिजल्ट वाले चार शिक्षण संस्थाओं को 10-10 हजार रुपये, कक्षा 8 से 9 में बालिकाओं के शत-प्रतिशत रिजल्ट वाले चार संस्थाओं को 15-15 हजार रुपये तथा 10वीं से 11वीं में बालिकाओं के शत प्रतिशत रिजल्ट वाले तीन संस्थाओं को 20-20 हजार रुपये की प्रोत्साहन धनराशि दी जा रही है।
प्रदेश सरकार बालिकाओं को मुफ्त शिक्षा दे रही है। साथ ही, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में बालिका के जन्म से स्नातक स्तर की शिक्षा तक विभिन्न चरणों में 15 हजार रुपये देने की व्यवस्था की गयी है। बालिका के विवाह योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 51 हजार रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के विद्यालय बेहतर हो चुके हैं। ऑपरेशन कायाकल्प से स्मार्ट क्लास, अच्छी फ्लोरिंग, टॉयलेट, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चों में निखार लाकर उनका भविष्य उज्ज्वल बनाया जाए ताकि वे अपने गांव, समाज, देश की समृद्धि में योगदान दे सकें। उन्होने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपको अपनी प्रतिभा सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए खूब मेहनत करिए। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है। सरकार आपकी मेहनत को प्रोत्साहित करने आई है।
मुख्यमंत्री ने सभी को होली की बधाई देते हुए कहा कि होली का पावन पर्व वैर भाव भुलाकर उत्साह और उमंग से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि हताशा और निराशा में कोई जीवन नहीं होता। बुराई त्याग कर हम जीवन में उत्साह और उमंग की तरफ बढ़ सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी बच्चों को गोरखपुर प्राणि उद्यान का भ्रमण कराया जाए। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण व जीव संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि मानव के साथ ही जीव-जंतुओं से सृष्टि की रचना हुई है। पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की रक्षा करना हम सबका दायित्व है। प्राणि उद्यान घूमने से आप सबका मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्धन भी होगा।
कार्यक्रम स्थल के बाहरी परिसर में बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास परियोजना, चिकित्सा विभाग आदि के स्टॉलों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने गोदभराई व बच्चों को अन्नप्राशन भी कराया। साथ ही बेसिक स्कूलों के बच्चों से बात कर उन्हें उपहार प्रदान किये।
कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल, सांसद कमलेश पासवान एवं विधायक श्री विपिन सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
: माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का एक्शन जारी अतीक के एक और करीबी का घर ढाया
Fri, Mar 3, 2023
प्रयागराज में हुए हत्याकांड के बाद प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. आज अतीक के करीबी सफदर अली के घर को ढहाने की कार्रवाई की गई. इसके पहले प्रयागराज के चकिया इलाके में मौजूद सफदर अली का घर खाली कराया गया मौके पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पुलिस की टीम मौजूद थे. सफदर और उसके बेटों का कहना है कि हमारा अतीक से और उमेश पाल के हत्यारों से कोई संबंध नहीं हैचकिया इलाके में मौजूद सफदर के जिस मकान पर कार्रवाई की जानी है, वह सफदर के दो बेटों फजल अब्बास और सैयद कमर अब्बास के नाम पर है. सफदर अली और उनके दोनों बेटों का कहना है कि उनका कभी अतीक अहमद या उनके गैंग से कोई रिश्ता नहीं रहा.जॉनसन रोड पर गन उनका हाउस है. उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों से भी कोई रिश्ता नहीं है. प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कभी कोई नोटिस नहीं दिया. आज अचानक घर खालीकर मकान गिराने की बात बताई कही जा रही है
पहले किया विरोध, फिर करने लगे घर खाली
सफदर अली के घर जब प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची और घर खाली करने का कहा, तो परिवार ने गेट बंद करके विरोध किया. मगर, स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की बात कही, तो सब शांत हो गएफिर घर वाले खुद ही सामान लेकर बाहर निकालने लगे. इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई. करीब ढाई घंटे में पांच मशीनों के जरिए सफदर अली का दो मंजिला मकान जमींदोज कर दिया गया.
तोड़ा गया था जफर का घर
बुधवार को प्रयागराज में अतीक अहमद के करीबी बिल्डर खालिद जफर के घर पर बुलडोजर चला. अतीक अहमद के घर के बगल में रहने वाले बिल्डर खालिद जफर की अवैध संपत्ति पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चला था. इस दौरान खालिद जफर के घर से दो विदेशी बंदूक और एक तलवार बरामद हुई थी.प्रयागराज के चकिया स्थित इस दो मंजिला इमारत में ही उमेश पाल हत्याकांड के बाद शूटर, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता से मिलने आए थे और मिलने के बाद फरार हो गए थे. गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा था कि हम माफिया को मिट्टी में मिला देंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है.
: मरीज हित में हो रहीं कार्रवाई, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी: ब्रजेश पाठक
Thu, Mar 2, 2023
लखनऊ। 2 मार्च
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम उठाये जा रहे हैं। लगातार अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। हम मरीजों की चिंता कर रहे हैं। उन्हें जांच, डॉक्टर की सलाह व दवा मुहैया कराने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। इससे पहले की सरकार को मरीजों से कोई सरोकार नहीं था। विपक्षी बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सदन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष को करार जवाब दिया।https://youtu.be/qUsE5zRX1cQउप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में कौन दवा सप्लाई कर रहा है? कौन मशीनें लगा रहा है? बेड, चादर व बिल्डिंग निर्माण कौन करा रहा है? इससे हमारा कोई संबंध नहीं है। यह काम हमारे अधिकारियों का है। अधिकारी इन जिम्मेदारों को निभा रहे हैं। हम मरीजों के हितों में काम कर रहे हैं। व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। कमी मिलने पर कार्रवाई भी कर रहे हैं।*
पारदर्शी हुई व्यवस्था*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक सरकारी अस्पताल व मेडिकल संस्थानों में खराब होने वाली मशीनों का कोई ब्यौरा नहीं होता है। सरकार ने एप तैयार कराया। इसमें खराब होने वाली मशीनों का ब्यौरा दर्ज करना होता है। उसके बाद जिम्मेदार मशीन को दुरुस्त कराते हैं। इसमें लेटलतीफी होने पर कार्रवाई तक हो रही है। जुर्माना भी ठोंका जा रहा है। इस व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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गर्भवती महिलाओं की जांच आसान*
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा दुरुस्त की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट डायग्नोसिस्ट सेंटरों से करार किया गया है। ई वाउचर के माध्यम से प्राइवेट सेंटरों में गर्भवती महिलाएं जांच करा रही हैं। इससे मातृ शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं हाशिए पर थीं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सदन के वरिष्ठ सदस्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक रुपये का बजट देने की बात कर रहे हैं। यह प्रदेश की जनता के साथ बड़ा मजाक है। कानपुर के कॉर्डियोलॉजी सेंटर, मेरठ, बांदा समेत दूसरे जिलों के अस्पतालों को और बेहतर किया जा रहा है। पर्याप्त बजट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ा है। रोज डेढ़ लाख से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक सरकारी अस्पताल व मेडिकल संस्थानों में खराब होने वाली मशीनों का कोई ब्यौरा नहीं होता है। सरकार ने एप तैयार कराया। इसमें खराब होने वाली मशीनों का ब्यौरा दर्ज करना होता है। उसके बाद जिम्मेदार मशीन को दुरुस्त कराते हैं। इसमें लेटलतीफी होने पर कार्रवाई तक हो रही है। जुर्माना भी ठोंका जा रहा है। इस व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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गर्भवती महिलाओं की जांच आसान*
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा दुरुस्त की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट डायग्नोसिस्ट सेंटरों से करार किया गया है। ई वाउचर के माध्यम से प्राइवेट सेंटरों में गर्भवती महिलाएं जांच करा रही हैं। इससे मातृ शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं हाशिए पर थीं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सदन के वरिष्ठ सदस्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक रुपये का बजट देने की बात कर रहे हैं। यह प्रदेश की जनता के साथ बड़ा मजाक है। कानपुर के कॉर्डियोलॉजी सेंटर, मेरठ, बांदा समेत दूसरे जिलों के अस्पतालों को और बेहतर किया जा रहा है। पर्याप्त बजट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ा है। रोज डेढ़ लाख से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।