: उत्तराखंड की बद्रीनाथ चार धाम यात्रा: पुलिस और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था
Tue, Jun 17, 2025
उत्तराखंड की बद्रीनाथ चार धाम यात्रा: पुलिस और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था
जितेंद्र गुप्ता, वरिष्ठ संपादक (
mediawithyou)
चमोली (उत्तराखंड) 16 जून उत्तराखंड की बद्रीनाथ चार धाम यात्रा में इस बार यात्रियों को काफी अच्छी और दुरुस्त प्रशासन की व्यवस्था देखने को मिली है। सरकार की तरफ से यात्रियों को कई सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जिससे उनकी तीर्थ यात्रा सुगमता पूर्वक संपन्न हो सके।*
चमोली जिला के एसपी की सक्रियता*
चमोली जिला के एसपी ने कानून व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई कदम उठाए हैं। उनकी सक्रियता के कारण यात्रियों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है।*
बद्रीनाथ थाना अध्यक्ष की व्यवस्था*
बद्रीनाथ थाना अध्यक्ष ने भी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था चुस्त दुरुस्त कर रखी है। पुलिस कंट्रोल रूम से सभी यात्रियों को दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे कि कोई भी भगदड़ या अनहोनी की घटना न घट सके।*
पुलिस और बद्रीनाथ समिति का सहयोग*
पूरी यात्रा में पुलिस और बद्रीनाथ
समिति का पूर्ण सहयोग सभी तीर्थ यात्रियों को प्राप्त हो रहा है। उनकी सक्रियता और सहयोग के कारण यात्रियों को अपनी तीर्थ यात्रा सुगमता पूर्वक संपन्न करने में मदद मिल रही है।
समीक्षा एवं निष्कर्ष
उत्तराखंड की बद्रीनाथ चार धाम यात्रा में इस बार पुलिस और प्रशासन की सराहनीय व्यवस्था देखने को मिली है। उनकी सक्रियता और सहयोग के कारण यात्रियों को अपनी तीर्थ यात्रा सुगमता पूर्वक संपन्न करने में मदद मिल रही है।
: मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व बहराइच में हुए धमाके ,प्रशासन अलर्ट
Sun, Jun 8, 2025
बहराइच 8 जून उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से 40 घंटे पहले बहराइच जनपद हरदी थाना क्षेत्र का ग्राम पंचायत सिकंदरपुर रविवार की सुबह बम धमाकों से गूंज उठा। एक के बाद एक खेतों में अचानक हुए तीन से चार धमाकों से ग्रामीण सहम गए और लाठी-डंडा लेकर खेत पहुंच गए। वहां मौजूद 40 से अधिक लोगों को घेर लिया। ग्रामीणों की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक सुरेश्वर सिंह भी मौके पर पहुंचे।
दरअसल मामला यह था कि अल्फा जियो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा मौके पर प्राकृतिक गैस व डीजल-पेट्रोल खोजने की सूचना मिली। वहीं कंपनी के कर्मियों के पास भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ। जिले में मुख्यमंत्री के आगमन के 48 घंटे पहले भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने से विधायक भड़क गए। उन्होंने मुख्यमंत्री का दौरा रद्द करने तक की मांग कर डाली। सूचना पर पहुंचे एडीएम, एएसपी, एसडीएम आदि ने कंपनी के 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।
अल्फा जियो लिमिटेड कंपनी के इंजीनियर व एरिया मैनेजर कुलदीप शर्मा ने बताया कि उन्होंने भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय से अनुमति ले रखी है। वह क्षेत्र में प्राकृतिक गैस व डीजल-पेट्रोल के स्रोतों की जांच कर रहे हैं। उनके पास से बरामद विस्फोटक द्वितीय श्रेणी का विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट है। इसका प्रयोग सर्वे में किया जाता है।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले विस्फोटक मिलना चिंताजनक: विधायक
गांव में विस्फोट होने की सूचना पर पहुंचे विधायक सुरेश्वर सिंह ने घटना को जिला प्रशासन की बड़ी चूक बताई। उन्होंने कहा कि प्रधान की सूचना पर गांव पहुंचे तो खेतो में विस्फोट लगा मिला। जानकारी पर पता चला कि कर्मियों ने तहसीलदार के साथ गाली गलौज की। वहीं डीएम-एसपी को सूचना देने के घंटो बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे। एएसपी भी सूचना देने के डेढ़ घंटे बाद तक नहीं आए। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सैकड़ो किलो विस्फोटक मिलना चिंताजनक है।
कंपनी के जिम्मेदारों ने ग्रामीणों के पूछने पर उन्हें रेल लाइन बिछाने की सूचना देकर बरगला रहे थे। ऐसा लग रहा है, जैसे सीओ, थाना प्रभारी व सिपाही कंपनी के लोगों पर मेहरबान हैं। भारत सरकार ने आतंकवादियों के घुसपैठ का इनपुट दिया है और महसी क्षेत्र के जिम्मेदारों को विस्फोट व विस्फोट की जानकारी नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि जब तक मामला निस्तारित नहीं हो जाता है, मुख्यमंत्री का दौरा रद्द करने की मांग करता हूं।
: उत्तर प्रदेश पशुधन विकास बोर्ड में करोड़ों का घोटाला एक निष्पक्ष जांच की आवश्यकता
Mon, Jun 2, 2025
उत्तर प्रदेश पशुधन विकास बोर्ड: एक जांच की आवश्यकताउत्तर प्रदेश पशुधन विकास बोर्ड की स्थापना 31 अक्टूबर 1998 को महामहिम राज्यपाल के स्तर से हुई थी। बोर्ड को पशुधन विकास के लिए राज्य अभिकरण इकाई के रूप में अधिकृत किया गया था। हालांकि, पिछले 24 वर्षों में बोर्ड की स्वायत्तता को लगातार कम करने का प्रयास किया गया है।बोर्ड के सीईओ की नियुक्ति और पदच्युति के संबंध में कई आरोप लगाए गए हैं। नवंबर 2022 में डा नीरज गुप्ता को सीईओ के पद पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने पारदर्शिता, नवाचार और डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया। हालांकि, उत्तर प्रदेश शासन ने डॉ गुप्ता को अनियमितताओं के आरोप में बर्खास्त कर डा पी के सिंह को सीईओ के पद पर नियुक्त किया हैइस नियुक्ति के संबंध में भी कई आरोप लगाए गए हैं। डा पी के सिंह की अर्हता परिषद के लिए जरूरी पांच विषय में से नहीं होने के बावजूद उनको स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा उत्तीर्ण किया गया। विज्ञापन में कोरिजेंडम के द्वारा आवेदक की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई थी। वर्तमान विशेष सचिव देवेंद्र पांडे, पर पूर्व सीईओ डॉ नीरज गुप्ता ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वह डा पी के सिंह की नियुक्ति में शामिल थे और उनके साथ उनके घनिष्ठ संबंध हैं। देवेंद्र पांडे पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।पूर्व सीईओ के अनुसार पशुपालन विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आलम यह है कि डा सिंह ने निदेशक रोग नियंत्रण पद पर रहते हुए वेंडर और रेट फिक्सिंग कर करोड़ों रुपये की अनियमितता की। उन्होंने आगे कहा है कि विशेष सचिव श्री पांडे की टीम में वित्त नियंत्रक बृजेश कुमार, संयुक्त निदेशक डॉ संजय श्रीवास्तव और लेखाधिकारी ऋतु सिंह शामिल हैं, जो मिलकर करोड़ों रुपये के गौशाला के बजट का भी अपव्यय कर रहे हैं।इसके अलावा, पशुधन विभाग में दवाइयों की खरीदारी में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि दवाइयों की खरीदारी में बाजार के मूल्य से कई गुना अधिक मूल्य पर खरीद की जा रही है। यह भी आरोप है कि कुछ कंपनियों को जानबूझकर टेंडर देकर लाभ कमाया जा रहा है। इसी संदर्भ में सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए प्रदेश के कई समाजसेवी संस्थाओं ने लखनऊ प्रेस क्लब सहित प्रदेश के तमाम बड़े महानगरों में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से विभाग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैंइसके अलावा, आशंका जताई जा रही है कि कुछ दवाइयां एक्सपायरी डेट के बाद भी आपूर्ति की गई हैं। यह एक गंभीर मामला है और बोर्ड को मनमानी ढंग से चलते हुए यह किसकी इच्छा पूर्ति की जा रही है केंद्र सरकार से आने वाली हर वर्ष की वित्तीय बजट को किस प्रकार भ्रष्टाचार की बेदी पर चढ़ाया जा रहा है आखिर इसके पीछे कौन लोग हैं इसकी जांच करना आवश्यक है। यदि ऐसा हुआ है, तो यह जानना आवश्यक है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।इन आरोपों की जांच करना आवश्यक है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करना आवश्यक है। उत्तर प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह इस मामले में पारदर्शी जांच कराए और दोषियों को सजा दिलाए। साथ ही, पशुधन विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाने चाहिए। जिससे कि केंद्र में बैठी मोदी सरकार से आया हुआ पैसा भ्रष्टाचार की भेंट न चढ सके और उत्तर प्रदेश के पशुओं एवं पशुपालकों को योजना का लाभ मिल सके